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Hindi News ›   India News ›   Earthquake of magnitude 4.1 on the Richter scale occurred at 2154 hours in Gulbarga Karnataka Latest News Update

भूकंप के झटके: कर्नाटक के गुलबर्ग में कांपी धरती, रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई तीव्रता

Mon, 11 Oct 2021 11:03 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 11 Oct 2021 11:03 PM IST
सार

नेशनल इंस्टीट्यूट सिस्मोलॉजी के मुताबिक, राज्य गुलबर्ग इलाके में रात नौ बजकर 54 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई।

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Earthquake of magnitude 4.1 on the Richter scale occurred at 2154 hours in Gulbarga Karnataka Latest News Update
भूकंप - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कर्नाटक में सोमवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल इंस्टीट्यूट सिस्मोलॉजी के मुताबिक, राज्य गुलबर्ग इलाके में रात नौ बजकर 54 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई।
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कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
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भूकंप की तीव्रता 
  • रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं।
  • इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते।
  • वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
  • लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।
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