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तुर्की के बाद भारत में खतरे की घंटी!: सूरत में महसूस किए गए भूकंप के झटके, समुद्र में था केंद्र
Sat, 11 Feb 2023 12:49 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 11 Feb 2023 12:49 PM IST
सार
आईएसआर के मुताबिक, सूरत में देर रात 12.52 पर रिकॉर्ड किए गए इन झटकों का केंद्र शहर से 27 किमी दूर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में समुद्र में था।
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भूकंप के झटके
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
गुजरात के सूरत में शुक्रवार देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च (आईएसआर) के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.8 दर्ज की गई, जिस वजह से झटके काफी कमजोर थे। हालांकि, तुर्की में हाल ही में भूकंप से हुई तबाही को देखते हुए भारत में अब छोटे झटकों पर भी अलर्ट रहने की जरूरत बताई गई है।
आईएसआर के मुताबिक, सूरत में देर रात 12.52 पर रिकॉर्ड किए गए इन झटकों का केंद्र शहर से 27 किमी दूर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में समुद्र में था। इनसे किसी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। गौरतलब है कि गुजरात में इससे पहले कई खतरनाक भूकंप रिकॉर्ड हो चुके हैं। इनमें 1819, 1845, 1847, 1848, 1864, 1903, 1938, 1956 और 2001 में आए भूकंप को सबसे खतरनाक कहा जाता है।
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2001 में कच्छ में आया भूकंप भारत में पिछली दो सदियों में सबसे खतरनाक था। इससे 13 हजार 800 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी, जबकि 1.67 लाख लोग घायल हुए थे।
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आईएसआर के मुताबिक, सूरत में देर रात 12.52 पर रिकॉर्ड किए गए इन झटकों का केंद्र शहर से 27 किमी दूर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में समुद्र में था। इनसे किसी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। गौरतलब है कि गुजरात में इससे पहले कई खतरनाक भूकंप रिकॉर्ड हो चुके हैं। इनमें 1819, 1845, 1847, 1848, 1864, 1903, 1938, 1956 और 2001 में आए भूकंप को सबसे खतरनाक कहा जाता है।
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2001 में कच्छ में आया भूकंप भारत में पिछली दो सदियों में सबसे खतरनाक था। इससे 13 हजार 800 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी, जबकि 1.67 लाख लोग घायल हुए थे।