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MEA: विदेश मंत्री जयशंकर की ईरानी-इस्राइली समकक्षों से फोन पर बात, पश्चिम एशिया क्षेत्र के हालात पर चर्चा की

Sat, 28 Feb 2026 10:46 PM IST
Nirmal Kant न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Nirmal Kant Updated Sat, 28 Feb 2026 10:46 PM IST
सार

MEA: पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान और इस्राइल के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग बातचीत कर भारत की ओर से गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने के लिए संवाद व कूटनीति अपनाने पर जोर दिया। पढ़ें रिपोर्ट-

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EAM S Jaishankar spoke to his Iranian and Israeli counterparts over the phone and discussed situation
विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : X-@DrSJaishankar

विस्तार

ईरान में अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य हमले के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव है। इसके मद्देनजर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची और इस्राइल के समकक्ष गिदोन सार से अलग-अलग फोन पर बातचीत की। विदेश मंत्री ने कतर के प्रधानमंत्री और अपने समकक्ष शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी से भी बात की। 
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जयशंकर ने अराघची से बातचीत में ईरान और पूरे क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम को लेकर भारत की ओर से गहरी चिंता जताई। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा, आज शाम ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत हुई। ईरान और क्षेत्र में हालिया घटनाओं को लेकर भारत की गहरी चिंता साझा की। 
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इस्राइली विदेश मंत्री सार से बातचीत के बारे में जयशंकर ने कहा कि उन्होंने भारत का रुख दोहराया कि तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति की जरूरत है। 

ईरानी ने भी जवाबी कार्रवाई की
अमेरिका और इस्राइल के हमले के बाद ईरान ने जवाबी सैन्य कार्रवाई करते हुए कतर, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन समेत क्षेत्र के कई देशों में इस्राइली और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।


ट्रंप ने ईरानी जनता से क्या अपील की?
इससे पहले दोपहर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का एलान करते हुए ईरान के लोगों से सरकार को 'अपने हाथ में लेने' की अपील की और कहा कि यह आपके पास 'कई पीढ़ियों में शायद एकमात्र मौका' होगा।

ये भी पढ़ें: पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा: 'आत्मसमर्पण नहीं करेंगे, दुश्मन को गलतफहमी', भारत में ईरानी दूतावास ने क्या कहा?

परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता रही बेनतीजा
अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच ईरानी के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कई हफ्तों तक चली बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।
 
ईरान के स्कूल पर हमले में 85 की मौत
ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका-इस्राइल हमलों में दक्षिणी ईरान के एक बालिका विद्यालय में 85 लोगों की मौत हो गई। 

भारत के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम को लेकर बेहद चिंतित है। मंत्रालय ने कहा, हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करते हैं। बयान में कहा गया, तनाव कम करने और मूल मुद्दों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। 

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