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पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा: 'आत्मसमर्पण नहीं करेंगे, दुश्मन को गलतफहमी', भारत में ईरानी दूतावास ने क्या कहा?

Sat, 28 Feb 2026 09:02 PM IST
Nirmal Kant न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Nirmal Kant Updated Sat, 28 Feb 2026 09:02 PM IST
सार

इस्राइल और अमेरिका से तनाव के बीच भारत में ईरानी दूतावास ने चेतावनी दी कि वह 'दुश्मन' की मांगों के आगे आत्मसमर्पण नहीं करेगा और किसी भी विदेशी आक्रामकता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। पढ़िए रिपोर्ट-

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We will not surrender, the aggressive forces will have to regret it: Iranian Embassy in New Delhi
मोहम्मद फतहली, भारत में ईरान के राजदूत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई

विस्तार

अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में घटनाक्रम तेजी से बदले हैं। इस बीच, भारत में ईरानी दूतावास ने शनिवार को बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि वह अमेरिका और इस्राइल की घृणित मांगों के आगे घुटने नहीं टेकेगा। 
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ईरानी दूतावास ने क्या कहा?
दूतावास ने कहा कि अमेरिका और जायोनी शासन (इस्राइल) ने तेहरान समेत कई शहरों के नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। दुश्मन की यह गलतफहमी है कि कायरतापूर्ण हमलों से ईरानी राष्ट्र झुक जाएगा। इतिहास गवाह है कि हमने कभी विदेशी आक्रामकता को स्वीकार नहीं किया। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस सैन्य हमले के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की अपील की है।
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सैकड़ों निर्दोष नागरिक मारे गए: ईरानी राजदूत
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने दावा किया कि अमेरिका और इस्राइल की ओर से बड़े पैमाने पर किए गए हमलों में सैकड़ों ईरानी नागरिकों की जान चली गई। उन्होंने इसकी भी पुष्टि की कि देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को कोई नुकसान नहीं हुआ है और वे स्वस्थ हैं। 
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ये भी पढ़ें: ईरान और खाड़ी देशों पर भारत की पैनी नजर: विदेश मंत्रालय बोला- सभी पक्ष संयम बरतें; मौजूदा चुनौती कितनी बड़ी?

समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में राजदूत फतहली ने यह भी कहा कि ईरानी अधिकारियों ने संघर्षग्रस्त क्षेत्र में फंसे सभी विदेशी नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सलाह (एडवाइजरी) और दिशा-निर्देश जारी किए हैं, इनमें भारतीय छात्र और पेशेवर भी शामिल हैं। 


जवाब में कैसी रणनीति अपनाएगा ईरान?
जब उनसे पूछा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़े पैमाने पर हमलों की शुरुआत करने की पुष्टि की है, क्या ईरान इसे एक पूर्ण युद्ध की शुरुआत में देखता है या वह सीमित जवाबी कार्रवाई की रणनीति अपनाएगा? इस पर राजदूत फतहली ने कहा, आज जो कुछ हुआ है, वह आक्रामकता का कृत्य है और ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन है।

उन्होंने कहा, आज के आपराधिक हमलों में सैकड़ों निर्दोष ईरानी मारे गए हैं। एक ही घटना में मीनाब शहर के एक बालिका विद्यालय में 50 से अधिक छात्राओं ने अपनी जान गंवाई। ईरान ने न तो युद्ध शुरू किया है और न ही युद्ध की मांग की है। इस्लामी गणराज्य ईरान ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि वह क्षेत्र में संघर्ष को बढ़ाना नहीं चाहता। साथ ही वह किसी भी आक्रामता का मजबूती से और निर्णायक जवाब देगा। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार के अनुसार ईरान उचित कार्रवाई करेगा। 

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