Jaishankar: 'भारत-यूएस संबंधों को बनाने में एच1बी वीजा रहा अहम', जयशंकर बोले- मुश्किल होने जा रहे हालात
जयशंकर ने अपनी बात को समझाते हुए कहा कि 'जब पंडित नेहरू पहली बार अमेरिका दौरे पर गए थे तो उस वक्त अमेरिका में तीन हजार भारतीय मूल के लोग थे, जब इंदिरा गांधी पहली बार अमेरिका गईं तो वहां 30 हजार भारतीय मूल के लोग थे, जब राजीव गांधी गए तो....'।
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भारतीय प्रवासी समुदाय की अमेरिका के साथ संबंधों में अहम भूमिका
नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 'शीत युद्ध की समाप्ति के साथ ही एच1बी वीजा ने भारत-अमेरिका के संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।' जयशंकर ने अपनी बात को समझाते हुए कहा कि 'जब पंडित नेहरू पहली बार अमेरिका दौरे पर गए थे तो उस वक्त अमेरिका में तीन हजार भारतीय मूल के लोग थे, जब इंदिरा गांधी पहली बार अमेरिका गईं तो वहां 30 हजार भारतीय मूल के लोग थे, जब राजीव गांधी गए तो अमेरिका में तीन लाख भारतीय मूल के लोग थे और जब नरेंद्र मोदी गए तो यह संख्या बढ़कर 33 लाख से ज्यादा हो चुकी है।' विदेश मंत्री ने कहा कि 'अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों ने अपनी मेहनत, स्किल और प्रतिभा के दम पर अमेरिकी समाज में अपनी जगह बनाई है। लोग किसी भी देश के प्रतिनिधि होते हैं।'
#WATCH | Delhi | EAM Dr S Jaishankar speaks on the evolution of India-US relations and the Indian diaspora in the US
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He says, "...H1B did as much as the end of Cold War to shape India-US relations..." pic.twitter.com/SL5zeJJFjk — ANI (@ANI) August 13, 2024
'भारतीय समुदाय ने भारत की छवि को बेहतर किया'
जयशंकर ने कहा कि 'जब अमेरिका में लोग भारतीय प्रवासी समुदाय को देखते हैं, जो बहुत अच्छा कर रहे हैं, तो लोग कहीं न कहीं उन्हें देखकर भारत के बारे में अपने विचार बनाते हैं। यही वजह है कि भारतीय प्रवासी समुदाय हमारे लिए बेहद अहम रहा है। जब से भारत और अमेरिका के संबंधों में सुधार देखा गया है, उसमें भू-राजनीतिक परिस्थितियों और शीत युद्ध की भूमिका रही है, लेकिन साथ ही भारतीय प्रवासी समुदाय ने भी दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने में उतनी ही सकारात्मक भूमिका निभाई है।'
एच-1बी वीजा एक गैर-प्रवासी वीजा है। एच1बी वीजा आमतौर पर उन लोगों को दिया जाता है जो अमेरिका में काम करने के लिए जाते हैं। अमेरिकी कंपनियां दुनियाभर से कुशल कर्मचारियों को नौकरी देने के लिए एच1बी वीजा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करती हैं और एच1बी वीजा के तहत सबसे ज्यादा भारतीय लोग ही अमेरिका जाते हैं। जयशंकर ने ये भी कहा कि 'भारत और अमेरिका के बीच डिजिटल कनेक्ट स्थापित करने में भी भारतीय प्रवासी समुदाय की अहम भूमिका हो सकती है।' अमेरिका में आगामी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जयशंकर ने कहा कि 'अमेरिकी जनता जो भी फैसला देगी, हमें विश्वास है कि हम अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ मिलकर काम करेंगे, फिर चाहे वो कोई भी हो।'
#WATCH | Delhi: EAM Dr S Jaishankar hoisted the Tricolour at his residence today, as part of 'Har Ghar Tiranga' ahead of Independence Day. pic.twitter.com/M8t9ebj2nP
— ANI (@ANI) August 13, 2024
'आने वाला समय होगा चुनौतीपूर्ण'
दुनिया की भू-राजनीतिक परिस्थितियों और दुनिया भर में बढ़ रहे तनाव पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि 'हम एक मुश्किल समय से गुजर रहे हैं और अगले पांच वर्षों की बात करें तो आने वाला समय और भी मुश्किल हो सकता है। पश्चिम एशिया, यूक्रेन, दक्षिण पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया में जो हो रहा है और कोरोना के बाद जो हालात हैं और दुनिया के सामने जो आर्थिक संकट है, पर्यावरण का मुद्दा है तो आने वाला समय काफी चुनौतीपूर्ण होगा।' हर घर तिरंगा अभियान के तहत विदेश मंत्री जयशंकर ने आज अपने आधिकारिक आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
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