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India-Russia: 'रूसी बाजार में भारतीय उत्पादों के लिए बेहतर पहुंच की जरूरत', मॉस्को से व्यापार पर बोले जयशंकर

Fri, 06 Dec 2024 05:45 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 06 Dec 2024 05:45 AM IST
सार

India-Russia: विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि बीते दो वर्षों में भारत ने रूस से ज्यादा तेल आयात किया है। लेकिन एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह हुआ है कि हम अब रूस से कोयला और उर्वरक जैसे अन्य प्राकृतिक संसाधन भी बड़े पैमाने पर आयात कर रहे हैं।

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EAM Jaishankar opens on expanding ties with Russia, stresses need for "better access" in Russian market
विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : एएनआई/एक्स/डॉ एस जयशंकर

विस्तार

विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने गुरुवार को भारत और रूस संबंधों पर चर्चा की और रूस के बाजार में भारतीय उत्पादों के लिए बेहतर पहुंच की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत, रूस से न केवल तेल बल्कि उर्वरक, कोयला और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का आयात भी बढ़ा रहा है। जयशंकर ने यह बयान दिल्ली में आयोजित 'भारत एट 100' कार्यक्रम में दिया, जो एसोचेम की ओर से आयोजित किया गया था। 

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'रूस से तेल ही नहीं, कोयला और उर्वरक का भी आयात कर रहा भारत' 
जयशंकर ने कहा, बीते दो वर्षों में भारत ने रूस से ज्यादा तेल आयात किया है। लेकिन एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह हुआ है कि हम अब रूस से कोयला और उर्वरक जैसे अन्य प्राकृतिक संसाधन भी बड़े पैमाने पर आयात कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रूस, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और ब्राजील जैसे देश भारत के स्वाभाविक साझेदार हैं, क्योंकि ये देश दीर्घकालिक संसाधनों की आपूर्ति कर सकते हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। 
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'रूसी बाजार में पहुंच हासिल करने के लिए भारत दबाव बना रहा'
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत रूस के साथ अपने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बहुत मेहनत कर रहा है और भारत फार्मा उद्योग, समुद्री उत्पादों और कृषि उत्पादों के लिए रूस के बाजार में बेहतर पहुंच हासिल करने के लिए दबाव बना रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि रूस के पहले उप प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव भारत और रूस के आर्थिक संबंधों पर काम कर रहे हैं, जो पिछले महीने दिल्ली आए थे। भारत ने रूस से कहा है कि भारतीय निर्यात के लिए रूस के बाजार को और अधिक खोला जाना चाहिए। 
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जयशंकर ने वैश्विक साझेदारों के साथ व्यापार पर भी बात की
जयशंकर ने भारत के वैश्विक साझेदारों के साथ व्यापार, निवेश और तकनीकी संबंधों को बढ़ावा देने के अवसरों पर भी बात की। उन्होंने यूरोपीय संघ (ईयू) और ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौतों पर चल रही बातचीत का भी जिक्र किया और चीन को लेकर कहा कि सभी निर्णयों में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। इसके अलावा, विदेश मंत्री ने लाल सागर में शिपिंग मार्गों में आ रही रुकावट और भारत द्वारा इस समस्या को हल करने के लिए उठाए गए कदमों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी चिंता का विषय है और भारत ने इस क्षेत्र में अपनी नौसेना के कई जहाज तैनात किए हैं। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पश्चिम एशिया भारत के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है, क्योंकि इस क्षेत्र की स्थिरता भारत की आर्थिक नीतियों के लिए जरूरी है। 

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