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Maharashtra: अजित पवार ने किया 'महाराष्ट्रवादी हेल्पलाइन' का शुभारंभ, योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना मकसद
Thu, 22 Aug 2024 09:21 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 22 Aug 2024 09:21 PM IST
सार
Maharashtra: उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ढाई करोड़ से ज्यादा परिवारों तक पहुंचने का है। हेल्पलाइन नंबर 9861717171 के जरिए लोगों को माझी लड़की बहिन और अन्नपूर्णा जैसी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते उप मुख्यमंत्री अजित पवार
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने गुरुवार को महाराष्ट्रवादी हेल्पलाइन का शुभारंभ किया। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हेल्पलाइन के जरिए उठाए गए मुद्दों को 24 से 48 घंटे के भीतर हल किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री के कार्यालय की टीम हर शाम फीडबैक की समीक्षा करेगी।
पवार ने कहा, हमारा लक्ष्य ढाई करोड़ से ज्यादा परिवारों तक पहुंचने का है। हेल्पलाइन नंबर 9861717171 के जरिए लोगों को माझी लड़की बहिन और अन्नपूर्णा जैसी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी सरकारी योजनाएं महाराष्ट्र के लोगों तक बिना किसी रुकावट के पहुंचे। हेल्पलाइन नंबर के साथ नागरिक व्हाट्सएप संदेश भी भेज सकते हैं और एक ऑटोमैटेड चैटबॉट सिस्टम अंग्रेजी, हिंदी और मराठी में लोगों की मदद करेगा और शिकायतें भी दर्ज करेगा।
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उप मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी लोग डिजिटल नहीं होते। इसलिए एक जन जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जाएगा, जिसमें राकांपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से मिलेंगे। पवार ने बताया, इस पहले से लोग भ्रष्टाचार की शिकायतें भी कर सकते हैं। जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। मेरे कार्यालय में एक विशेष डेस्क बनाई गई है, जहां कर्मचारी हर शाम पूरे राज्य से मिल रहे फीडबैक की समीक्षा करेंगे। राज्य को विभिन्न विभागों और निर्वाचन क्षेत्रों में बांटा गया है, ताकि अधिकारी 24 से 48 घंटे के भीतर रियल टाइम में मुद्दों का समाधान कर सकें।
उन्होंने आगे कहा, हेल्पलाइन नंबर शुरू होते ही अच्छी प्रतिक्रिया मिली है, क्योंकि सिर्फ 12 दिनों में बिना किसी औपचारिक विज्ञापन के 60 हजार से ज्यादा सवाल मिले। इनमें से 10 हजार समस्याओं का समाधान किया जा चुका है और बाकी पर काम चल रहा है। इसके अलावा, हम एक विशेष कॉल सेंटर बना रहे हैं, जो हर दिन 50 हजार सवालों को संभाल सकेगा। हमारा लक्ष्य जितना संभव हो सके जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने का है। ताकि हर व्यक्ति जो संपर्क करता है या लाभार्थी है, उसे उसका हक मिल सके।
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पवार ने कहा, हमारा लक्ष्य ढाई करोड़ से ज्यादा परिवारों तक पहुंचने का है। हेल्पलाइन नंबर 9861717171 के जरिए लोगों को माझी लड़की बहिन और अन्नपूर्णा जैसी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी सरकारी योजनाएं महाराष्ट्र के लोगों तक बिना किसी रुकावट के पहुंचे। हेल्पलाइन नंबर के साथ नागरिक व्हाट्सएप संदेश भी भेज सकते हैं और एक ऑटोमैटेड चैटबॉट सिस्टम अंग्रेजी, हिंदी और मराठी में लोगों की मदद करेगा और शिकायतें भी दर्ज करेगा।
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उप मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी लोग डिजिटल नहीं होते। इसलिए एक जन जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जाएगा, जिसमें राकांपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से मिलेंगे। पवार ने बताया, इस पहले से लोग भ्रष्टाचार की शिकायतें भी कर सकते हैं। जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। मेरे कार्यालय में एक विशेष डेस्क बनाई गई है, जहां कर्मचारी हर शाम पूरे राज्य से मिल रहे फीडबैक की समीक्षा करेंगे। राज्य को विभिन्न विभागों और निर्वाचन क्षेत्रों में बांटा गया है, ताकि अधिकारी 24 से 48 घंटे के भीतर रियल टाइम में मुद्दों का समाधान कर सकें।
उन्होंने आगे कहा, हेल्पलाइन नंबर शुरू होते ही अच्छी प्रतिक्रिया मिली है, क्योंकि सिर्फ 12 दिनों में बिना किसी औपचारिक विज्ञापन के 60 हजार से ज्यादा सवाल मिले। इनमें से 10 हजार समस्याओं का समाधान किया जा चुका है और बाकी पर काम चल रहा है। इसके अलावा, हम एक विशेष कॉल सेंटर बना रहे हैं, जो हर दिन 50 हजार सवालों को संभाल सकेगा। हमारा लक्ष्य जितना संभव हो सके जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने का है। ताकि हर व्यक्ति जो संपर्क करता है या लाभार्थी है, उसे उसका हक मिल सके।