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यास: चक्रवात के कारण सुपर ब्लड मून व चंद्रग्रहण के साक्षी नहीं बन पाएंगे लोग, बादल और बारिश बनेंगे रोड़ा
Wed, 26 May 2021 11:30 AM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Wed, 26 May 2021 11:30 AM IST
सार
आज सूर्य, धरती और चंद्रमा इस तरह से एक सीध में होंगे कि धरती से यह पूर्ण चंद्रमा के रूप में नजर आएगा, लेकिन लोग चक्रवात यास के कारण आसमान में बने बादल और बारिश के चलते इस दुर्लभ घटना को नहीं देख पाएंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
वैज्ञानिकों के अनुसार आज यानी बुधवार 26 मई की रात को एक खगोलीय घटना के तहत सूर्य, धरती और चंद्रमा इस प्रकार से एक सीध में आएंगे कि धरती से यह पूर्ण चंद्रमा के रूप में नजर आएगा। चंद्रमा धरती के आसपास चक्कर लगाता हुआ कुछ पल के लिए धरती की छाया से गुजरेगा और पूरी तरह से इस पर ग्रहण लग जाएगा। हालांकि, लोग चक्रवात यास की वजह से पूर्ण चंद्रग्रहण के ठीक बाद होने वाले इस दुर्लभ विशाल और सुर्ख चंद्रमा (सुपर ब्लड मून) को नहीं देख सकेंगे। दरअसल, आसमान में बादल छाए होने और भारी बारिश के कारण लोग इस खगोलीय घटना के साक्षी नहीं बन सकेंगे।
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क्या है चंद्रग्रहण और सुपर ब्लड मून?
कोलकाता के बिरला तारामंडल के निदेशक व प्रख्यात खगोल वैज्ञानिक देबीप्रसाद दुआरी ने बताया है कि बुधवार (26 मई) की रात को एक खगोलीय घटना के तहत सूर्य, धरती और चंद्रमा इस प्रकार से एक सीध में आएंगे कि चंद्रमा धरती के आसपास चक्कर लगाता हुआ कुछ पल के लिए धरती की छाया से गुजरेगा, जिसके बाद पूरी तरह से चांद पर ग्रहण लग जाएगा। चंद्रग्रहण के ठीक बाद चन्द्रमा विशाल और सुर्ख रंग में दिखेगा, जिसे सुपर ब्लड मून कहा जाता है।
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चक्रवात यास की वजह से नहीं दिखेगा यह दुर्लभ दृश्य
चक्रवात यास की वजह से पूर्ण चंद्रग्रहण के ठीक बाद होने वाले सुपर ब्लड मून के दृश्य को लोग नहीं देख सकेंगे। इसके पीछे की वजह ये है कि तूफान की वजह से आसमान में बादल छाए होंगे और भारी बारिश भी हो रही होगी। यही कारण है कि लोग इस महान दुर्लभ खगोलीय घटना के साक्षी नहीं बन सकेंगे।
कहां दिखेगा चंद्रग्रहण?
पूर्वी एशिया, प्रशांत महासागर, उत्तरी एवं दक्षिण अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों और ऑस्ट्रेलिया में पूर्ण चंद्रग्रहण दिखाई देगा। चंद्रमा पर आंशिक ग्रहण दोपहर में करीब सवा तीन बजे शुरू होगा और शाम को 6:22 बजे समाप्त होगा। भारत के अधिकांश हिस्सों में पूर्ण चंद्रग्रहण नहीं दिखेगा क्योंकि चंद्रमा पूर्वी क्षितिज से नीचे होगा। हालांकि, भारत के अधिकतर पूर्वी हिस्सों में आंशिक चंद्रग्रहण का थोड़ा सा आखिरी हिस्सा दिखेगा।