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BSF: बीएसएफ कमांडरों की निर्णय क्षमता को बढ़ाएगा 'डीएसएस', तस्करी हॉटस्पॉट मार्गों का मिलेगा सटीक पूर्वानुमान
Mon, 29 Sep 2025 06:37 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 29 Sep 2025 06:37 PM IST
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बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी
- फोटो : एक्स-@BSF_India
बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने सोमवार को बल मुख्यालय में निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस) का शुभारंभ किया है। यह निर्णय समर्थन प्रणाली, बल में सभी स्तरों पर कमांडरों की निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाने के लिए डिजाइन की गई है। डीएसएस, बीएसएफ कमांडरों की निर्णय क्षमता को बढ़ाएगा और इसके जरिए बॉर्डर पर तस्करी के हॉटस्पॉट/घुसपैठ मार्गों का सटीक पूर्वानुमान लग सकेगा।
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डीएसएस, बीएसएफ कमांडरों को कस्टम डिजाइन किए गए डैशबोर्ड के माध्यम से सिस्टम की भूमिका-आधारित पहुंच सूचित निर्णय लेने की प्रक्रिया के आधार पर संचालन की योजना बनाने और उसे क्रियान्वित करने में सक्षम बनाएगा। उन्नत जीआईएस कार्यक्षमता प्रदान करने के अलावा, निर्णय समर्थन प्रणाली जीआईएस प्लेटफ़ॉर्म को विरासत संचालन घटना डेटाबेस और सीमा से सेंसर फ़ीड के साथ एकीकृत करती है, जिससे मुख्यालय में एक संपूर्ण संचालन चित्र (सीओपी) बनता है।
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डीएसएस, बीएसएफ को निगरानी और पूर्वानुमान एवं प्रवृत्ति विश्लेषण की सुविधाओं के साथ परिचालन रूप से लाभान्वित करेगा, जिससे प्रभावी सीमा प्रबंधन की क्षमताएं और बढ़ेंगी। यह प्रणाली बेहतर संसाधन आवंटन और परिचालन योजना एवं क्रियान्वयन के लिए तस्करी के हॉटस्पॉट, घुसपैठ मार्गों आदि की भविष्यवाणी, जीआईएस और लीगेसी डेटा पर एआई/एमएल आधारित संचालन करने में सक्षम होगी।
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भविष्य में डीएसएस को सीआईबीएमएस, बीएसएफ के अन्य कमांड सेंटरों और अन्य सुरक्षा बलों एवं संगठनों के जीआईएस प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत किया जाएगा। वास्तविक समय डेटा संग्रह और घटना रिपोर्टिंग के लिए मोबाइल एप्लिकेशन को डीएसएस के साथ एकीकृत करने की योजना है। अपने अगले चरण में, डीएसएस को ओएसआईएनटी, बिग डेटा और आईएमडी डेटा जैसे अन्य डेटा स्रोतों के साथ एकीकृत किया जाएगा।
डीएसएस बीएसएफ की क्षमताओं में सुधार करेगा, जिससे कमांडरों को निर्णय लेने में मदद करके भारत की सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा करने में मदद मिलेगी। तकनीकी समाधानों का उपयोग करके, बीएसएफ सीमा सुरक्षा के उभरते खतरों का सामना करने में सक्षम होगी।