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Odisha: पेंशन के लिए अब दिव्यांग हेतराम को जंगल से होकर नहीं पड़ेगा गुजरना, ड्रोन से घर पर पहुंचाए जा रहे पैसे
Mon, 20 Feb 2023 03:49 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नुआपाड़ा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नुआपाड़ा
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 20 Feb 2023 03:49 PM IST
सार
हेताराम की आपबीती जानने के बाद सरपंच सरोज देवी अग्रवाल ने इस महीने एक ड्रोन के जरिए उनकी पेंशन भलेश्वर पंचायत क्षेत्र के भुटकपाड़ा गांव में उनके घर पर ही पहुंचा दी। सरोज देवी अग्रवाल की इस पहल से सतनामी को काफी मदद मिली है।
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गांव की सरपंच सरोज देवी।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के एक सुदूर गांव के एक दिव्यांग व्यक्ति को ड्रोन के जरिए पेंशन मिली है। ये पहल गांव की सरपंच सरोज देवी अग्रवाल ने की है। दरअसल, नुआपाड़ा के घने जंगलों के बीच स्थित गांव भुटकपाड़ा में रहने वाले हेताराम सतनामी शारीरिक रूप से अक्षम हैं। ऐसे में उन्हें अपनी सरकारी पेंशन लेने के लिए घने जंगल से हर महीने दो किमी की यात्रा करनी पड़ती थी। उनके बारे में जब गांव की सरपंच को पता चला तो उन्होंने इस अनोखे तरीके से हेताराम की मदद की।
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अब दिव्यांग सतनामी को नहीं जाना पड़ेगा पेंशन के लिए
जानकारी के मुताबिक, हेताराम की आपबीती जानने के बाद सरपंच सरोज देवी अग्रवाल ने इस महीने एक ड्रोन के जरिए उनकी पेंशन भलेश्वर पंचायत क्षेत्र के भुटकपाड़ा गांव में उनके घर पर ही पहुंचा दी। सरोज देवी अग्रवाल की इस पहल से सतनामी को काफी मदद मिली है। उन्होंने इस पर खुशी जताते हुए कहा, "सरपंच ने ड्रोन की मदद से पैसे भेजे। यह मेरे लिए बड़ी राहत की बात है क्योंकि पंचायत कार्यालय गांव से 2 किमी दूर है, जो घने जंगल से घिरा हुआ है।' गौरतलब है कि हेताराम सतनामी राज्य की मधु बाबू पेंशन योजना के लाभार्थी हैं।
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सरपंच ने की मदद
गांव की सरपंच सरोज अग्रवाल ने बताया कि हमारे पंचायत क्षेत्र में जंगल में स्थित एक गांव भुटकपाड़ा है। वहां शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति हेताराम सतनामी रहते हैं। वह जन्म के बाद से ही चल-फिर नहीं सकते। ऐसे में उन्हें पेंशन लेने के लिए हर महीने घने जंगलों से होकर आना पड़ता था। जब मुझे सतनामी की आपबीती पता चली तो मैने इसके बारे में काफी विचार किया। आखिर में एक ऑनलाइन एक ड्रोन खरीदा और उसके जरिए उनकी पेंशन उनके घर पहुंचा दिया।
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पहली बार पहुंचाई गई ड्रोन के जरिए पेंशन
नुआपाड़ा के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) सूबेदार प्रधान ने भी इसके बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गांव की सरपंच सरोज अग्रवाल की पहल से ही यह संभव हुआ है। लोगों को सेवाएं देने के लिए ऐसे उपकरणों को खरीदने का सरकारी प्रावधान फिलहाल नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि दुनियाभर में दवा, पार्सल, किराने का सामान और भोजन सहित विभिन्न सामानों को भेजने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन ड्रोन के जरिए पेंशन पहुंचाना, वह भी भारत में, यह पहली बार है।