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Ballistic Missile: डीआरडीओ जल्द करेगा एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण, 1000 किमी होगी मारक क्षमता
Sun, 10 Nov 2024 10:30 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 10 Nov 2024 10:30 PM IST
सार
Ballistic Missile: एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल को युद्धपोतों और जमीन दोनों से प्रक्षेपित किया जा सकेगा। यह मिसाइल प्रणाली भारतीय नौसेना के लिए विकसित की जा रही है और इससे उसे लंबी दूरी से दुश्मन के जहाजों को मार गिराने की क्षमता मिलेगी।
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बैलिस्टिक मिसाइल
- फोटो : एएनआई (फाइल फोटो)
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विस्तार
भारत जल्द ही एक नई लंबी दूरी की एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने की तैयारी कर रहा है। जो 1,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक युद्धपोतों या विमान वाहकों को मार गिराने में सक्षम होगी। रक्षा सूत्रों ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा अगले कुछ दिनों में इस बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किए जाने की उम्मीद है।
सूत्रों ने बताया कि एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल को युद्धपोतों और जमीन दोनों से प्रक्षेपित किया जा सकेगा। यह मिसाइल प्रणाली भारतीय नौसेना के लिए विकसित की जा रही है और इससे उसे लंबी दूरी से दुश्मन के जहाजों को मार गिराने की क्षमता मिलेगी।
बता दें कि, भारतीय सेना लगातार अपने आयुध भंडार में बैलिस्टिक मिसाइलों की संख्या बढ़ा रही है, भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना दोनों ने प्रलय बैलिस्टिक मिसाइलों का ऑर्डर दिया है। तीनों सेनाओं में छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलों को शामिल करने के साथ ही इनकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी। जिससे उन्हें लंबे समय तक चलने वाले संघर्षों को झेलने की क्षमता मिलेगी।
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हाल के दिनों में हुए युद्धों में बैलिस्टिक मिसाइलों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया है। पिछले दिनों हमास ने इस्राइल पर रात में जोरदार मिसाइल हमला किया था। जिसमें इस्राइल को काफी नुकसान पहुंचा था। पिछले कुछ सालों में भारतीय सेना का उत्तरी सीमाओं पर चीन के साथ संघर्ष देखने को मिला है। चीन के पास गैर-परमाणु क्षमता वाले लंबी दूरी के हथियारों का विशाल भंडार है।
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सूत्रों ने बताया कि एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल को युद्धपोतों और जमीन दोनों से प्रक्षेपित किया जा सकेगा। यह मिसाइल प्रणाली भारतीय नौसेना के लिए विकसित की जा रही है और इससे उसे लंबी दूरी से दुश्मन के जहाजों को मार गिराने की क्षमता मिलेगी।
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बता दें कि, भारतीय सेना लगातार अपने आयुध भंडार में बैलिस्टिक मिसाइलों की संख्या बढ़ा रही है, भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना दोनों ने प्रलय बैलिस्टिक मिसाइलों का ऑर्डर दिया है। तीनों सेनाओं में छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलों को शामिल करने के साथ ही इनकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी। जिससे उन्हें लंबे समय तक चलने वाले संघर्षों को झेलने की क्षमता मिलेगी।
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हाल के दिनों में हुए युद्धों में बैलिस्टिक मिसाइलों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया है। पिछले दिनों हमास ने इस्राइल पर रात में जोरदार मिसाइल हमला किया था। जिसमें इस्राइल को काफी नुकसान पहुंचा था। पिछले कुछ सालों में भारतीय सेना का उत्तरी सीमाओं पर चीन के साथ संघर्ष देखने को मिला है। चीन के पास गैर-परमाणु क्षमता वाले लंबी दूरी के हथियारों का विशाल भंडार है।