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कोरोना से जंग को डीआरडीओ ने कसी कमर, मास्क, सैनिटाइजर से लेकर 'बायो सूट' तक बनाया
Thu, 02 Apr 2020 08:41 PM IST
अमित कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित कुमार
Updated Thu, 02 Apr 2020 08:41 PM IST
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स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं बॉडीसूट
- फोटो : PTI
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कोरोना वायरस से लड़ने के लिए डीआरडीओ ने भी कमर कस ली है। रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) ने देश में बढ़ते कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए अत्याधुनिक मास्क, सैनिटाइजर से लेकर 'बायो सूट' तैयार किए हैं। डीआरडीओ ने कुल चार उत्पादों को तैयार किया है।
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कोरोना संक्रमितों के इलाज में जुटे डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों के लिए डीआरडीओ ने खास 'बायो सूट' तैयार किया है। यह सूट स्वास्थ्यकर्मियों और डॉक्टरों को संक्रमण से बचाएगा। अधिकारियों के मुताबिक यह 'बायो सूट' निजी सुरक्षा उपकरण (PPE) के तौर पर काम करेगा। देश में बढ़ती जरूरत को देखते हुए रोज करीब 15 हजार सूट बनाने की तैयारी चल रही है।
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जानकारी के मुताबिक डीआरडीओ की नजर बहुत पहले से ही चीन के वुहान शहर में वायरस के प्रकोप पर थी। इसी के चलते मार्च की शुरुआत में ही डीआरडीओ ने इस बीमारी को रोकने की दिशा में प्रयास करने शुरू कर दिए थे। उस समय देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 30 भी नहीं पहुंची थी।
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डीआरडीओ ने जो चार उत्पाद तैयार किए हैं, उनमें हैंड सैनिटाइजर, क्रिटिकल केयर वेंटिलेटर, एन99 मास्क और बॉडीसूट हैं। डीआरडीओ द्वारा तैयार बॉडीसूट की खासतौर से चर्चा है। संगठन का कहना है कि इस सूट से डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, सफाईकर्मियों व अन्य को इस वायरस की चपेट में आने से बचाया जा सकता है।
डीआरडीओ के मुताबिक यह बॉडीसूट पहले सिर्फ मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए बनाया गया था ताकि रेडियोलॉजिकल आपात स्थिति में इसका उपयोग किया जा सके। मगर अब इसे पूरी तरह से ऐसे बनाया गया है ताकि संक्रमण भी रुक सके। इस बॉडीसूट की खास बात यह है कि इसे धोया जा सकता है और यह एएसटीएम अंतरराष्ट्रीय मानक पर भी खरा उतरा है।
एक सूट की कीमत 7 हजार रुपये
डीआरडीओ ने बताया कि इस एक बॉडीसूट की कीमत 7000 रुपये है। कोलकाता की फ्रंटियर प्रोटेक्टिव वियर प्राइवेट लिमिटेड और मुंबई की मेडिकिट प्राइवेट लिमिटेड हर रोज 10 हजार सूट तैयार कर रहे हैं।
चार मरीजों के लिए एक वेंटिलेटर
डीआरडीओ ने खास तरह के वेंटिलेटर का भी डिजाइन तैयार किया है। इसके जरिए एक वेंटिलेटर से कई मरीजों को एक साथ लाइफ सपोर्ट पर रखा जा सकेगा। डीआरडीओ के प्रमुख जी सतीश रेड्डी ने कहा कि यह शीर्ष रक्षा अनुसंधान संगठन वेंटिलेटर में मामूली बदलाव कर रहा है ताकि एक मशीन एक ही समय पर चार रोगियों की मदद कर सके। एक हफ्ते के भीतर यह उपलब्ध होना शुरू हो जाएगा। डीआरडीओ की तैयारी पहले महीने 5000 के करीब वेंटिलेटर्स बनवाने की है। इसके बाद 10 हजार और तैयार करवाए जाएंगे। एक वेंटिलेटर की कीमत करीब 4 लाख रुपये होगी।
पांच लेयर वाला मास्क
डीआरडीओ ने पांच लेयर वाला एन99 मास्क भी बनाया है। निजी कंपनियों से करार के मुताबिक हर रोज करीब 10 हजार मास्क बनाए जा सकेंगे। इसके लिए कच्चा माल अहमदाबाद टेक्सटाइल से आएगा। इस एक मास्क की कीमत 70 रुपये होगी। डीआरडीओ ने 40,000 अन्य मास्क की आपूर्ति दिल्ली पुलिस को की है।
सैनिटाइजर भी बना रहा
डीआरडीओ ने सैनिटाइजर भी बनाया है। भारतीय सुरक्षा बल, सेना के मेडिकल स्टाफ, सुरक्षा में लगे जवानों के लिए 4000 लीटर सैनिटाइजर भेजा गया है। जबकि रक्षा मंत्रालय को 1500 लीटर और संसद को 300 लीटर सैनिटाइजर उपलब्ध कराया गया है। अन्य सुरक्षा संस्थानों व उच्च कार्यालयों के लिए भी 500 लीटर सैनिटाइजर बनाया गया है।