फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   DRDO organises Anusandhaan Chintan Shivir to encourage defence R-D in industry

अनुसंधान चिंतन शिविर : सीडीएस चौहान बोले- सशस्त्र बलों के लिए स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी जरूरी

Tue, 27 Jun 2023 11:30 PM IST
देव कश्यप एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 27 Jun 2023 11:30 PM IST
सार

इस अवसर पर 75 प्रौद्योगिकी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की एक सूची जारी की गई। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सूची को 403 तकनीकी श्रेणियों में विभाजित किया गया है। यह तकनीकी श्रेणियां 1,295 वर्तमान और भविष्य के प्रौद्योगिकी विकास कार्यों तक फैली हुई है।

विज्ञापन
DRDO organises Anusandhaan Chintan Shivir to encourage defence R-D in industry
DRDO organises Anusandhaan Chintan Shivir - फोटो : ANI

विस्तार

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने उद्योग और शिक्षा जगत में रक्षा शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंगलवार को दिल्ली में 'अनुसंधान चिंतन शिविर' का आयोजन किया। इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने बतौर मुख्य अतिथि शिविर के आयोजन की सराहना की। उन्होंने सशस्त्र बलों के लिए स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी के महत्व पर जोर दिया।

विज्ञापन


इस अवसर पर 75 प्रौद्योगिकी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की एक सूची जारी की गई। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सूची को 403 तकनीकी श्रेणियों में विभाजित किया गया है। यह तकनीकी श्रेणियां 1,295 वर्तमान और भविष्य के प्रौद्योगिकी विकास कार्यों तक फैली हुई है।
विज्ञापन


सीडीएस चौहान ने कहा कि 75 प्रौद्योगिकी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का अनावरण करने से भारत को आत्मनिर्भरता पथ पर लाने के लिए रक्षा प्रौद्योगिकियों पर स्वदेशीकरण और नवाचार करने के लिए उद्योग को प्रोत्साहित करके रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इस प्रकार, उद्योग और शिक्षा जगत के साथ जुड़ाव के माध्यम से देश में सैन्य प्रौद्योगिकी डिजाइन और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बयान में आगे कहा गया है कि डीआरडीओ प्रौद्योगिकी दूरदर्शिता 2023 में सभी क्षेत्रों, श्रेणियों और प्रौद्योगिकी विकास गतिविधियों की सूची का भी अनावरण किया गया। दस्तावेज उन प्रौद्योगिकी क्षेत्रों की पहचान करता है जिन पर डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाएं वर्तमान में काम कर रही हैं।

रक्षा विभाग आर एंड डी के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी कामत ने अपने संबोधन में कहा कि डीआरडीओ, उद्योग और शिक्षा जगत को प्रौद्योगिकियों को निम्न से उन्नत स्तर तक ले जाने के लिए तालमेल के साथ काम करना चाहिए, जहां उनका उपयोग बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए किया जा सके। महानिदेशक (प्रौद्योगिकी प्रबंधन) डॉ. सुब्रत रक्षित, निदेशक आईआईटी दिल्ली प्रोफेसर रंगन बनर्जी और कार्यकारी उपाध्यक्ष एल-टी अरुण रामचंदानी ने शिविर के दौरान रक्षा अनुसंधान पर डीआरडीओ, शिक्षा और उद्योग के दृष्टिकोण पेश किए।


इस मौके पर चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के अध्यक्ष, चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) के लेफ्टिनेंट जनरल जॉनसन पी मैथ्यू, डीजी (एडमिन) एयर मुख्यालय एयर मार्शल पीके घोष, रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, डीआरडीओ के वैज्ञानिक, उद्योग जगत के नेता और शिक्षा विशेषज्ञ भी उपस्थित थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed