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Brahmos: 'मार्च तक ब्रह्मोस सुपरसॉनिक मिसाइलों का निर्यात शुरू करेगा भारत', DRDO प्रमुख का बड़ा एलान
Thu, 25 Jan 2024 12:31 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 25 Jan 2024 12:31 PM IST
सार
डीआरडीओ प्रमुख ने बताया कि 307 ATAGS बंदूकों का निर्माण भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम जैसी निजी क्षेत्र की कंपनियां कर रही हैं। उनके लिए भी इस वित्तीय वर्ष के अंत तक विदेश से ऑर्डर आ सकते हैं।
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सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
भारत की रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने की कोशिश में जल्द ही एक और उपलब्धि जुड़ने वाली है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआडीओ) इस साल मार्च तक ब्रह्मोस सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल का निर्यात शुरू कर देगा। डीआरडीओ प्रमुख समीर वी. कामत ने खुद इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि डीआरडीओ अगले 10 दिन में ही इन मिसाइलों के ग्राउंड सिस्टम्स का निर्यात शुरू करेगा। इतना ही नहीं डीआरडीओ ने जिन 307 ATAGS बंदूकों को विकसित किया है और जिनका निर्माण भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम जैसी निजी क्षेत्र की कंपनियां कर रही हैं, उनके लिए भी इस वित्तीय वर्ष के अंत तक विदेश से ऑर्डर आ सकते हैं।
'कुछ और देशों ने भी दिखाई ब्रह्मोस के लिए रुचि'
डीआरडीओ चेयरमैन ने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल के लिए फिलीपींस के अलावा अन्य देशों ने भी रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा कि निर्यात के लिए तैयार ATAGS के सारे ट्रायल पूरे हो चुके हैं। मेरा अनुमान है कि 31 मार्च से पहले ही इसके लिए ऑर्डर दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि डीआरडीओ की तरफ से अब तक जिन हथियारों का उत्पादन हो रहा है, उन्हें जल्द ही सेना के तीनों अंगों में शामिल किया जाएगा। कामत ने बताया कि LCA Mk-1A, अर्जुन एमके-1ए, QRSAM के अलावा हमारी कुछ और मिसाइलें जल्द ही सेना का हिस्सा बनेंगी।
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उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि डीआरडीओ अगले 10 दिन में ही इन मिसाइलों के ग्राउंड सिस्टम्स का निर्यात शुरू करेगा। इतना ही नहीं डीआरडीओ ने जिन 307 ATAGS बंदूकों को विकसित किया है और जिनका निर्माण भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम जैसी निजी क्षेत्र की कंपनियां कर रही हैं, उनके लिए भी इस वित्तीय वर्ष के अंत तक विदेश से ऑर्डर आ सकते हैं।
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'कुछ और देशों ने भी दिखाई ब्रह्मोस के लिए रुचि'
डीआरडीओ चेयरमैन ने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल के लिए फिलीपींस के अलावा अन्य देशों ने भी रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा कि निर्यात के लिए तैयार ATAGS के सारे ट्रायल पूरे हो चुके हैं। मेरा अनुमान है कि 31 मार्च से पहले ही इसके लिए ऑर्डर दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि डीआरडीओ की तरफ से अब तक जिन हथियारों का उत्पादन हो रहा है, उन्हें जल्द ही सेना के तीनों अंगों में शामिल किया जाएगा। कामत ने बताया कि LCA Mk-1A, अर्जुन एमके-1ए, QRSAM के अलावा हमारी कुछ और मिसाइलें जल्द ही सेना का हिस्सा बनेंगी।