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दुखद: मार थोमा चर्च के पूर्व प्रमुख डॉ फिलिपोज मार क्राइसोस्टोम का निधन, 103 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Wed, 05 May 2021 01:29 PM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवल्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवल्ला
Published by: कुमार संभव
Updated Wed, 05 May 2021 01:29 PM IST
सार
मार क्राइसोस्टोम को मंगलवार (4 मई) को तिरुवल्ला में अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। उन्होंने कुम्बानाद में एक निजी अस्पताल में देर रात करीब एक बजकर 15 मिनट पर आखिरी सांस ली।
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डॉ. फिलिपोज मार क्राइसोस्टोम
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मलंकरा मार थोमा सीरियन चर्च के पूर्व प्रमुख और भारत में सबसे लंबे समय तक बिशप के रूप में सेवा दे चुके डॉ. फिलिपोज मार क्राइसोस्टोम का उम्र संबंधी बीमारियों के कारण बुधवार (5 मई) को निधन हो गया। वह 103 वर्ष के थे। गिरजाघर के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
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प्रवक्ता ने बताया कि मार क्राइसोस्टोम को मंगलवार (4 मई) को तिरुवल्ला में अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। उन्होंने कुम्बानाद में एक निजी अस्पताल में देर रात करीब एक बजकर 15 मिनट पर आखिरी सांस ली। सच्चा मानवीय दृष्टिकोण एवं वैश्विक नजरिया रखने वाले और उत्कृष्ट धार्मिक व्यक्ति मार क्राइसोस्टोम को 2018 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्म भूषण से सम्मनित किया था। उन्हें गरीबों एवं वंचितों की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति में सुधार के लिए कई योजनाओं को लागू करने और बनाने का श्रेय जाता है।
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बता दें कि 27 अप्रैल, 1918 को कार्तिकप्पल्ली में जन्मे मार क्राइसोस्टोम को अपने पिता से सेवा भाव की प्रेरणा मिली। अलवाये स्थित यूनियन क्रिश्चन (यूसी) कॉलेज से स्नातक करने के बाद उनका रुझान मिशनरी के कार्य की ओर हुआ। 1944 में उन्हें 'डीकॉन ऑफ चर्च' बनाया गया। नौ साल बाद 1953 में उन्हें बिशप बनाया गया। मार क्राइसोस्टोम 1999 में मलंकरा मार थोमा सीरियन चर्च के मेट्रोपोलिटन बने। वह 68 साल तक बिशप रहे।
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अपने शांत एवं विनम्र स्वभाव के लिए मशहूर बिशप को हास्य विनोद से भरपूर उनके बयानों और दिल को छू लेने वाले भाषणों के लिए जाना जाता है। उनके भाषणों पर कई किताबें प्रकाशित हुई हैं और वृत्त चित्र बने हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने फिलिपोस मार क्रिसोस्टम मार थोमा वालिया के निधन पर शोक जताया। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने अपनी धर्मनिष्ठा, करुणा और सेवा भाव से लाखों लोगों के जीवन को स्पर्श किया।
राष्ट्रपति भवन ने रामनाथ कोविंद के हवाले से ट्वीट किया। इसमें लिखा था, 'डॉ. फिलिपोस मार क्रिसोस्टम मार थोमा वालिया ने भारत में सबसे लंबे समय तक बिशप के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने अपनी धर्मनिष्ठा, करुणा और सेवा भाव से लाखों लोगों के जीवन को स्पर्श किया। खासतौर पर जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के लोगों को। उनके अनुयायियों के प्रति मेरी संवेदनाएं।'