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Hindi News ›   India News ›   Dr. Manmohan Singh did not like BMW  he used to say- my car is 'Maruti 800' Know all about

Manmohan Singh Died: डॉ. मनमोहन सिंह को पसंद नहीं थी बीएमडब्ल्यू, वे कहते थे- मेरी गड्डी तो 'मारुति 800' है

Fri, 27 Dec 2024 08:17 AM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 27 Dec 2024 08:17 AM IST
सार

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह नहीं रहे। 92 साल की उम्र में उनका दिल्ली एम्स में निधन हो गया। उन्हें उम्र संबंधी दिक्कतों की वजह से गुरुवार रात 8:06 बजे एम्स में भर्ती कराया गया था। रात 9:51 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मनमोहन सिंह प्रखर अर्थशास्त्री थे। 1991 में देश में शुरू किए गए आर्थिक उदारीकरण के वे शिल्पकार रहे। 2004 से 2014 तक वे प्रधानमंत्री रहे। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर है।

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Dr. Manmohan Singh did not like BMW  he used to say- my car is 'Maruti 800' Know all about
Manmohan Singh - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

डॉ. मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री बनने के बाद भी सादगी पसंद व्यक्ति थे। वे काफी हद तक खुद को एक मिडिल क्लास व्यक्ति के तौर पर मानते हुए आगे बढ़ते रहे। पूर्व आईपीएस रहे असीम अरुण, जो अब यूपी सरकार में मंत्री हैं, डॉ. मनमोहन सिंह के तीन वर्ष तक बॉडी गार्ड रहे थे। असीम ने लिखा है, मैं 2004 से लगभग तीन साल तक डॉ. मनमोहन सिंह का बॉडी गार्ड रहा था। तब वे स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप 'एसपीजी' में थे। असीम के मुताबिक, डॉ. मनमोहन सिंह को काले रंग वाली चमचमाती बीएमडब्ल्यू कार पसंद नहीं थी। वे कहते थे, असीम, मेरी गड्डी तो 'मारुति 800' है। जब भी उनका कारकेड मारुति के सामने से निकलता तो वे हमेशा मन भर उसे देखते थे।   

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बतौर असीम अरुण, एसपीजी में पीएम की सुरक्षा का सबसे अंदरुनी घेरा 'क्लोज प्रोटेक्शन टीम' होता है। असीम को इसका नेतृत्व करने का अवसर मिला था। एआईजी सीपीटी वो व्यक्ति होता है, जो पीएम से कभी भी दूर नहीं रह सकता। यदि एक ही बॉडी गार्ड रह सकता है तो साथ यह बंदा होगा। असीम ने अपनी पोस्ट में लिखा, ऐसे में उनके साथ उनकी परछाई की तरह साथ रहने की जिम्मेदारी मेरी थी। डॉ साहब की अपनी एक ही कार थी-'मारुति 800'। उन्हें उस कार से बहुत लगाव था।  पीएम हाउस में चमचमाती काली बीएमडब्ल्यू के पीछे खड़ी रहती थी। 
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मनमोहन सिंह बार-बार मुझे कहते थे, असीम, मुझे इस कार में चलना पसंद नहीं, मेरी गड्डी तो यह है (मारुति)। मैं समझाता कि सर यह गाड़ी आपके ऐश्वर्य के लिए नहीं है, इसके सिक्योरिटी फीचर्स ऐसे हैं जिसके लिए एसपीजी ने इसे लिया है। जब कारकेड मारुति के सामने से निकलता तो वे हमेशा मन भर उसे देखते। जैसे संकल्प दोहरा रहे हो कि मैं मिडिल क्लास व्यक्ति हूं और आम आदमी की चिंता करना मेरा काम है। करोड़ों की गाड़ी पीएम की है, मेरी तो यह मारुति है। 

केंद्र सरकार ने 2019 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दी गई स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) सुरक्षा वापस ले ली थी। तब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा था, सभी एजेंसियों से इनपुट्स लेकर नियमित मूल्यांकन करने के बाद मनमोहन सिंह को जेड प्लस सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया है। उनसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और वीपी सिंह का सुरक्षा कवर हटाया गया था। डॉ. मनमोहन सिंह की बेटियों ने भी खुद को एसपीजी सुरक्षा कवर से अलग कर लिया था। जब उनकी एसपीजी सुरक्षा वापस ली गई तो डॉ. सिंह ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

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