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NCRB Report: 2023 में दहेज अपराधों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी; 15 हजार से ज्यादा केस, मौत का आंकड़ा चौंकाने वाला
Wed, 01 Oct 2025 05:09 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 01 Oct 2025 05:09 PM IST
सार
Crime In India 2023: देश में दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ कानून होने के बावजूद इसकी जड़ें समाज में काफी गहरी हैं। दहेज से जुड़े अपराधों के मामलों की बढ़ती संख्या और मौतों का आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला है। साल 2023 में दहेज से जुड़े अपराधों में खासा बढ़ोतरी देखने को मिली थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
देश में दहेज से जुड़े अपराधों में साल 2023 के दौरान कुल 14 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट 'क्राइम इन इंडिया 2023' के अनुसार, पूरे साल में 15 हजार 489 मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही, दहेज के कारण छह हजार 156 महिलाओं की जान भी गई।
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दहेज के मामलों का हाल
रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में दहेज निषेध अधिनियम के तहत 13,568 मामले दर्ज हुए थे। 2022 में ये संख्या थोड़ी घटी और 13,479 मामले आए। लेकिन 2023 में अचानक बढ़ोतरी हुई और 15,489 मामले दर्ज किए गए।
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किन राज्यों में सबसे ज्यादा केस?
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, यूपी में इसकी संख्या सात हजार 151 है। इसके बाद बिहार में 3665 और कर्नाटक में 2322 मामले दर्ज हुए। वहीं, 13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (जैसे पश्चिम बंगाल, गोवा, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और सिक्किम) ने बताया कि उनके यहां 2023 में दहेज का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ।
मौतों का आंकड़ा डराने वाला
दहेज से जुड़ी मौतों के मामले भी बेहद गंभीर हैं। एनसीआरबी रिपोर्ट कहती है कि साल 2023 में कुल 6156 महिलाओं की जान गई। इसमें भी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 2122 मौतें हुईं। बिहार दूसरे नंबर पर रहा, जहां 1143 मौतें दर्ज की गईं। इतना ही नहीं, 2023 में 833 हत्या के मामलों में भी दहेज को वजह बताया गया।
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अदालत में केस की स्थिति और गिरफ्तारियां
साल 2023 में दहेज से जुड़े कुल 83 हजार 327 मामले अदालतों में विचाराधीन थे। इनमें से 69 हजार 434 मामले पिछले वर्षों से लंबित चल रहे थे। इस दौरान 27 हजार 154 गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें 22 हजार 316 पुरुष और 4838 महिलाएं शामिल थीं।
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दहेज के मामलों का हाल
रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में दहेज निषेध अधिनियम के तहत 13,568 मामले दर्ज हुए थे। 2022 में ये संख्या थोड़ी घटी और 13,479 मामले आए। लेकिन 2023 में अचानक बढ़ोतरी हुई और 15,489 मामले दर्ज किए गए।
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किन राज्यों में सबसे ज्यादा केस?
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, यूपी में इसकी संख्या सात हजार 151 है। इसके बाद बिहार में 3665 और कर्नाटक में 2322 मामले दर्ज हुए। वहीं, 13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (जैसे पश्चिम बंगाल, गोवा, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और सिक्किम) ने बताया कि उनके यहां 2023 में दहेज का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ।
मौतों का आंकड़ा डराने वाला
दहेज से जुड़ी मौतों के मामले भी बेहद गंभीर हैं। एनसीआरबी रिपोर्ट कहती है कि साल 2023 में कुल 6156 महिलाओं की जान गई। इसमें भी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 2122 मौतें हुईं। बिहार दूसरे नंबर पर रहा, जहां 1143 मौतें दर्ज की गईं। इतना ही नहीं, 2023 में 833 हत्या के मामलों में भी दहेज को वजह बताया गया।
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अदालत में केस की स्थिति और गिरफ्तारियां
साल 2023 में दहेज से जुड़े कुल 83 हजार 327 मामले अदालतों में विचाराधीन थे। इनमें से 69 हजार 434 मामले पिछले वर्षों से लंबित चल रहे थे। इस दौरान 27 हजार 154 गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें 22 हजार 316 पुरुष और 4838 महिलाएं शामिल थीं।