फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Dowary death is crucial crime, but without suspect can't convict husband

दहेज हत्या के मामलों में जब तक ठोस सबूत न हो तब तक पति को सजा नहीं- कोर्ट

Mon, 05 Dec 2016 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 05 Dec 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
Dowary death is crucial crime, but without suspect can't convict husband

दहेज के लिए हत्या एक जघन्य अपराध है, लेकिन जब तक ठोस साक्ष्य न हो तब तक मृतक के पति व अन्य ससुराल पक्ष के लोगों को सजा नहीं दी जा सकती। अदालत ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति व उसके परिवार के सदस्यों को बरी करते हुए टिप्पणी की है।

विज्ञापन


अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार मल्होत्रा ने पूर्वी दिल्ली निवासी आरोपी पति, उसके पिता व दो बहनों को बरी करते हुए कहा कि ऐसा कोई भी ठोस साक्ष्य नहीं है कि आरोपियों ने महिला का दहेज के लिए उत्पीड़न व उसके प्रति क्रूरता की।
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि ऐसा नहीं है कि पति घर पर था तो अपराध साबित हो गया। यह भी साबित करना जरूरी है कि पत्नी किन परिस्थितियों में बेडरूम में फांसी पर लटकी हुई पाई गई। इसकी व्याख्या करना जरूरी है, लेकिन इस मामले में अभियोजन पक्ष बिना शक अपराध साबित करने में असफल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

विश्वसनीय सबूत के बिना अदालत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकती

Dowary death is crucial crime, but without suspect can't convict husband
अदालत ने कहा नि:संदेह पत्नी की फांसी लगने से मौत हुई है। यह जघन्य व सामाजिक अपराध है, लेकिन किसी भी उचित और विश्वसनीय सबूत के बिना अदालत इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकती कि पति ने हत्या की है। मृतक महिला हकलाने के अलावा सुनने में भी विकलांगता से पीड़ित थी। वहीं पति बहरा और गूंगा है। 

कोर्ट ने चारों आरोपियों को दहेज हत्या, दहेज प्रताड़ना व हत्या के आरोप से बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, महिला के पिता ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनकी बेटी का मई, 2006 में विवाह हुआ था और विवाह के बाद से ही पति व ससुराल पक्ष उसे मोटरसाइकिल की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगा। अप्रैल, 2008 को महिला ने फांसी लगा ली। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed