{"_id":"6004270b4c772e49bc3e27b9","slug":"doubt-to-the-doctors-rml-hospital-doctors-demand-to-apply-kovishield-31-only-get-vaccine","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरएमएल के डाॅक्टरों की कोवैक्सीन की जगह कोविशील्ड लगाने की मांग, 31 ने ही लगवाया टीका","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
आरएमएल के डाॅक्टरों की कोवैक्सीन की जगह कोविशील्ड लगाने की मांग, 31 ने ही लगवाया टीका
Sun, 17 Jan 2021 05:40 PM IST
सुरेंद्र जोशी
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 17 Jan 2021 05:40 PM IST
विज्ञापन
भारत में कोरोना टीकाकरण
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देशभर में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान जोर-शोर से शुरु हो गया है, लेकिन अब कोवैक्सीन के बजाए कोविशील्ड वैक्सीन लगाने की मांग भी उठने लगी है। दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पाल के रेजीडेंट डॉक्टरों ने कोवैक्सीन को लेकर आपत्ति दर्ज करवाई है। इसी के चलते शनिवार को अस्पताल में 100 में से केवल 31 ही लोगों ने वैक्सीन लगवाई।
प्रबंधन ने साधी चुप्पी
डॉक्टरों ने कोविशील्ड का टीका लगाने की बात एक पत्र लिखकर अस्पताल प्रबंधन के सामने रखी है। इस मामले में जब 'अमर उजाला' ने अस्पताल प्रबंधन से चर्चा करनी चाही तो उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।
कोवैक्सीन के तीसरे चरण के डेटा अभी नहीं आए
नाम न छापने के अनुरोध पर एक डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में कोविड वैक्सीनेशन ड्राइव चलाई जा रही है। इसमें भारत बायोटेक की तरफ से विकसित की गई कोवैक्सीन को कोविशील्ड से ज्यादा तरजीह दी जा रही है। कोवैक्सीन के तीसरे चरण के पूरे डेटा अभी सामने नहीं आए हैं, जबकि कोविशील्ड तीसरे चरण तक पहुंच चुकी है। इसके अंतरिम रिजल्ट भी आ चुके हैं। दोनों वैक्सीन सेफ्टी के मकसद से ठीक हैं, लेकिन एक वैक्सीन का सेफ्टी डेटा बाहर आ चुका है और एक का नहीं आया है। इसलिए हमारा जोर कोविशील्ड लगाने को लेकर है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि, हम सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स कोवैक्सीन के मामले में पूरी तरह परीक्षण की कमी को लेकर आशंकित है और बड़ी संख्या में टीकाकरण में भाग नहीं ले सकते हैं। हमारा अस्पताल प्रबंधन से अनुरोध है कि कोविशील्ड वैक्सीन के साथ टीकाकरण अभियनान शुरु किया जाए, क्योंकि इस वैक्सीन ने सभी चरणों को पूरा किया है।
गौरतलब है कि दिल्ली में 81 स्थानों पर कोविड-19 वैक्सीनेशन चल रहा है। इनमें 75 केंद्रों पर कोविशील्ड और छह स्थानों पर कोवैक्सीन के टीके लगाए जा रहे हैं। इनमें सरकारी और प्राइवेट अस्पताल शामिल हैं।
विज्ञापन
प्रबंधन ने साधी चुप्पी
डॉक्टरों ने कोविशील्ड का टीका लगाने की बात एक पत्र लिखकर अस्पताल प्रबंधन के सामने रखी है। इस मामले में जब 'अमर उजाला' ने अस्पताल प्रबंधन से चर्चा करनी चाही तो उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।
विज्ञापन
कोवैक्सीन के तीसरे चरण के डेटा अभी नहीं आए
नाम न छापने के अनुरोध पर एक डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में कोविड वैक्सीनेशन ड्राइव चलाई जा रही है। इसमें भारत बायोटेक की तरफ से विकसित की गई कोवैक्सीन को कोविशील्ड से ज्यादा तरजीह दी जा रही है। कोवैक्सीन के तीसरे चरण के पूरे डेटा अभी सामने नहीं आए हैं, जबकि कोविशील्ड तीसरे चरण तक पहुंच चुकी है। इसके अंतरिम रिजल्ट भी आ चुके हैं। दोनों वैक्सीन सेफ्टी के मकसद से ठीक हैं, लेकिन एक वैक्सीन का सेफ्टी डेटा बाहर आ चुका है और एक का नहीं आया है। इसलिए हमारा जोर कोविशील्ड लगाने को लेकर है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि, हम सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स कोवैक्सीन के मामले में पूरी तरह परीक्षण की कमी को लेकर आशंकित है और बड़ी संख्या में टीकाकरण में भाग नहीं ले सकते हैं। हमारा अस्पताल प्रबंधन से अनुरोध है कि कोविशील्ड वैक्सीन के साथ टीकाकरण अभियनान शुरु किया जाए, क्योंकि इस वैक्सीन ने सभी चरणों को पूरा किया है।
गौरतलब है कि दिल्ली में 81 स्थानों पर कोविड-19 वैक्सीनेशन चल रहा है। इनमें 75 केंद्रों पर कोविशील्ड और छह स्थानों पर कोवैक्सीन के टीके लगाए जा रहे हैं। इनमें सरकारी और प्राइवेट अस्पताल शामिल हैं।