{"_id":"65217614feae73410c0acf54","slug":"double-murder-case-my-conscience-is-clear-have-not-committed-any-crime-artist-chintan-upadhyay-tells-court-2023-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: 'मेरी अंतरात्मा साफ, कोई अपराध नहीं किया', दोहरे हत्याकांड में दोषी चिंतन ने अदालत में कही ये बात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: 'मेरी अंतरात्मा साफ, कोई अपराध नहीं किया', दोहरे हत्याकांड में दोषी चिंतन ने अदालत में कही ये बात
Sat, 07 Oct 2023 08:45 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 07 Oct 2023 08:45 PM IST
सार
दोषियों की सजा पर दलीलें सुनने से पहले अदालत ने दोषियों से पूछा कि क्या उन्हें फैसले पर कुछ कहना है। इस पर चिंतन ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मेरी अंतरात्मा साफ है, मैंने कोई अपराध नहीं किया है। मैं निर्दोष हूं।
विज्ञापन
Chintan Upadhyay
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुंबई की सत्र अदालत द्वारा कलाकार चिंतन उपाध्याय को अपनी पत्नी और उसके वकील हरेश भमबानी की हत्या करने के आरोप में अपराधी ठहराया गया है। अब उन्होंने शनिवार को अदालत में कहा कि उनकी 'अंतरात्मा' साफ है। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे 'दया की मांग' नहीं कर रहे हैं, अदालत जो भी सजा तय करेगी वे उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। बता दें कि आज अदालत ने उनकी सजा की अवधि पर दलीलें सुनीं।
विज्ञापन
बता दें कि अदालत ने कलाकार चिंतन उपाध्याय को मामले में अपराधी ठहराया है। उम्मीद है कि अदालत 10 अक्तूबर को सजा पर फैसला करेगी।
इंस्टालेशन आर्टिस्ट हेमा उपाध्याय और भमबानी की हत्या 11 दिसंबर 2015 में हुई थी। हत्या के बाद उनके शव को कार्टन के बक्से में भर दिया गया था। दोनों का शव मुंबई के कांदिवली इलाके के पास पाया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसवाई भोसले ने चिंतन उपाध्याय को पांच अक्टूबर को अपनी पत्नी को मारने के लिए उकसाने और साजिश रचने का दोषी ठहराया था।
विज्ञापन
चिंतन उपाध्याय को आईपीसी की धारा 120 (बी) (आपराधिक साजिश) और 109 (उकसाने) के तहत दोषी पाया गया। दोषी ठहराए जाने के बाद जमानत पर बाहर आए कलाकार को शनिवार तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उनके अलावा अन्य आरोपी विजय राजभर, प्रदीप राजभर, शिवकुमार राजभर और अजाद राजभर को भी दोषी करार दिया गया है। ये तीनों फरार आरोपी आर्ट फैब्रिकेटर विद्याधर राजभर के साथ काम करते थे।
विज्ञापन
शनिवार को दोषियों की सजा पर दलीलें सुनने से पहले अदालत ने दोषियों से पूछा कि क्या उन्हें फैसले पर कुछ कहना है। इस पर चिंतन ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मेरी अंतरात्मा साफ है, मैंने कोई अपराध नहीं किया है। मैं निर्दोष हूं। हालांकि, अदालत ने मुझे दोषी पाया है, कोई दया नहीं दिखाई जानी चाहिए। अदालत जो भी सजा तय करेगी, मैं उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हूं।
इस दौरान, विशेष लोक अभियोजक वैभव बागड़े ने आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग की। उपाध्याय के बयान पर वकील ने कहा कि आरोपी द्वारा अपनाया गया रुख संबंधित अपराध को करने के उसके 'दृढ़ संकल्प' को दर्शाता है। बागडे ने कहा, यह नृशंस और सोची-समझी हत्या थी। इसके लिए मौत की सजा दी जानी चाहिए।