Hindi News ›   India News ›   DoPT sent a reminder to 20 ministries, asking them to send the list of employees who have received increment twice

केंद्र के इन कर्मियों पर लटकी तलवार: 20 मंत्रालय नहीं दे रहे दो बार 'इंक्रीमेंट' लेने वाले कर्मचारियों की सूची

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 17 Nov 2021 03:05 PM IST

सार

डीओपीटी ने अब 12 नवंबर को फिर से रिमाइंडर भेजकर कहा है कि ऐसे कर्मचारियों की सूची जल्द भेजी जाए। जिन लोगों को डबल इंक्रीमेंट का लाभ मिला है, उनसे वसूली करने के लिए तरीका तैयार किया जा रहा है। दोहरे इंक्रीमेंट का लाभ लेने वालों में सेवारत्त कर्मियों के अलावा रिटायर्ड पर्सन भी शामिल हैं...
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सरकारी दफ्तर - फोटो : PTI (File Photo)
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विस्तार

केंद्र सरकार में बीस मंत्रालय और विभाग ऐसे हैं, जहां काम करने वाले कर्मियों पर 'वसूली' की तलवार लटकी है। वजह, कर्मचारियों को दो बार इंक्रीमेंट मिला है, जबकि नियमानुसार उन्हें एक ही बार वह फायदा मिलना चाहिए था। डीओपीटी की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि इन कर्मियों को 'एमएसीपी' स्कीम के तहत आर्थिक लाभ मिलने के अलावा एनएफएसजी 'नॉन फंक्शनल सिलेक्शन ग्रेड' के दौरान भी वह लाभ हासिल हुआ है। अब बीस मंत्रालयों से कहा गया है कि वे अपने यहां कार्यरत ऐसे कर्मियों की सूची तैयार कर डीओपीटी को भेजें, जिन्होंने दो बार आर्थिक फायदा लिया है। खास बात ये है कि डीओपीटी इस बाबत तीन बार रिमाइंडर भेज चुका है, लेकिन केंद्रीय मंत्रालय और विभाग, दोहरा आर्थिक लाभ लेने वाले कर्मियों की सूची देने के लिए तैयार नहीं हो रहे।

वसूली का तरीका निकाल रही सरकार

डीओपीटी ने अब 12 नवंबर को फिर से रिमाइंडर भेजकर कहा है कि ऐसे कर्मचारियों की सूची जल्द भेजी जाए। जिन लोगों को डबल इंक्रीमेंट का लाभ मिला है, उनसे वसूली करने के लिए तरीका तैयार किया जा रहा है। दोहरे इंक्रीमेंट का लाभ लेने वालों में सेवारत्त कर्मियों के अलावा रिटायर्ड पर्सन भी शामिल हैं। हालांकि रिटायर्ड पर्सन से अब वसूली करना आसान नहीं होगा। इस बारे में सर्वोच्च अदालत द्वारा दिए गए आदेश भी आड़े आ सकते हैं। केंद्र सरकार में कार्यरत 'केंद्रीय सचिवालय लिपिक सेवा' के कुछ कर्मचारियों के बारे में कहा गया है कि उन्होंने दो बार तीन फीसदी का इंक्रीमेंट लिया है।



एमएसीपी के अंतर्गत उच्चतर वेतन लेवल में पदोन्नत होने के बाद इन कर्मचारियों को 'नॉन फंक्शनल सिलेक्शन ग्रेड' में भी वही फायदा मिल गया। ये मामला साल 2003 से 2009 के बीच का है। नियम यह है कि एमएसीपी में अगर इंक्रीमेंट मिला है तो प्रमोशन में नहीं मिलेगा। 'नॉन फंक्शनल सिलेक्शन ग्रेड' की स्थिति में भी यही नियम लागू होता है। यदि कर्मी को पहले एमएसीपी में लाभ मिल गया है तो एनएफएसजी में वह लाभ नहीं मिल सकता। अगर किसी कर्मी का ग्रेड पे बदलता है, तो दोनों ग्रेड पे के बीच का जो अंतर है, वही मिलेगा, न की तीन फीसदी वेतन वृद्धि मिलेगी। कर्मियों को एमएसीपी मिल जाने के बाद जब उन्हें एएसओ बनाया गया तो दोबारा से तीन फीसदी वेतन वृद्धि दे दी गई।

मंत्रालयों के डायरेक्टर और डिप्टी सेक्रेटरी को लिखा गया पत्र ...

सिविल एविएशन मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, भू विज्ञान मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग, पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, डाक विभाग, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, बिजली मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय को रिमाइंडर भेजा गया है।

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