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DoPT: मंत्रालयों-विभागों में ज्वाइनिंग के लिए अब चक्कर नहीं काटेंगे चयनित उम्मीदवार, डीओपीटी ने जारी किए आदेश

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 17 Nov 2023 03:26 PM IST
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सार
डीओपीटी ने सभी मंत्रालयों और विभागों से कहा है कि वे चयनित उम्मीदवारों के समायोजन में देरी न करें। भर्ती एजेंसियों के साथ तय समय पर संवाद करें और पदों को भरने में पूरा सहयोग दें...
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DoPT: candidates will no longer roam around for joining ministries and departments, DoPT issued orders
DoPT - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt

विस्तार

केंद्र सरकार के तहत विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में मिलने वाली नौकरियों के लिए चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग के लिए चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के 'कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग' ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कई विभागों में यह देखा गया है कि चयनित उम्मीदवारों को समायोजित करने के दौरान भर्ती एजेंसियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई विभागों में यह जवाब मिलता है कि उनके यहां पर पद ही खाली नहीं हैं। कई ऐसे केस भी सामने आए हैं, जिनमें न्यायालयों द्वारा भर्ती एजेंसी के परिणाम को संशोधित करने की बात कही गई है। डीओपीटी ने सभी मंत्रालयों और विभागों से कहा है कि वे चयनित उम्मीदवारों के समायोजन में देरी न करें। भर्ती एजेंसियों के साथ तय समय पर संवाद करें और पदों को भरने में पूरा सहयोग दें। अगर किसी तरह की कोई समस्या आती है, तो उसे लेकर भर्ती एजेंसी के साथ अविंलब सूचना साझा करें।

विभागों द्वारा लौटा दिया गया भर्ती एजेंसी का डोजियर

डीओपीटी के मुताबिक, कुछ भर्ती एजेंसियों को उन उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी में समायोजित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिनके डोजियर, मांग करने वाले विभागों द्वारा इस आधार पर लौटा दिए गए हैं कि उनके पास रिक्तियां मौजूद नहीं हैं। भर्ती एजेंसी द्वारा ऐसे डोजियर उन्हें रिक्तियों की रिपोर्टिंग के समय प्राप्त मांग में परिलक्षित उनकी आवश्यकता के आधार पर ही भजे गए थे। कई मामलों में देखा गया है कि न्यायालयों ने भर्ती एजेंसियों को कुछ अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करने (जिसे कुछ आधारों पर पहले निरस्त कर दिया गया था) और तदनुसार परिणाम को संशोधित करने के निर्देश जारी किए हैं। इस तरह के मामलों में, भर्ती एजेंसियों के पास ऐसे अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी पर विचार करने और उम्मीदवारों के रैंक व उनके द्वारा दिए गए विकल्प के आधार पर उनके डोजियर को मांगकर्ता विभाग के पास भेजने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। जब कोई विभाग, भर्ती एजेंसी के डोजियर को यह कहकर वापस लौटा देता है कि उसके पास रिक्तियों की उपलब्धता नहीं है. तो संबंधित भर्ती एजेंसी को ऐसे उम्मीदवारों के समायोजन में कठिनाई होती है। समय पर ज्वाइनिंग नहीं हो पाती और साथ ही न्यायालय के निर्देशों की अवमानना भी होती है। इसके परिणामस्वरूप, उच्च प्राधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना का नोटिस जारी होता है।

विभाग अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते

डीओपीटी द्वारा सभी मंत्रालयों और विभागों से कहा गया है कि वे इस बात को नोट करें कि भर्ती एजेंसियां, रिक्त पदों को भरने की मांग करने वाले विभागों द्वारा दिए गए अनुरोध के आधार पर ही उम्मीदवारों का चयन करती हैं। तदनुसार, चयनित उम्मीदवारों का नामांकन, उम्मीदवार की योग्यता और वरीयता को ध्यान में रखते हुए मांगकर्ता विभागों (उनके द्वारा सूचित रिक्तियों के आधार पर) को भेजा जाता है। इसके पश्चात, भर्ती एजेंसियों की भूमिका समाप्त हो जाती है। इसके बाद भर्ती एजेंसी द्वारा संबंधित मंत्रालय/विभाग को  डोजियर भेजा जाता है, तो वे अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं। इसके अलावा, यदि किसी उम्मीदवार को न्यायालय के निर्देशों पर नियुक्त किया जाना है, तो यह कार्य भर्ती एजेंसियों द्वारा मांगकर्ता विभागों के सहयोग के बिना स्वयं नहीं किया जा सकता है।

इन मामलों में भर्ती एजेंसी और विभाग के बीच रहे तालमेल

डीओपीटी ने कहा है कि मंत्रालय/विभाग द्वारा प्रदान की गई रिक्तियों की संख्या के आधार पर ही भर्ती एजेंसियों द्वारा परिणाम को अंतिम रूप दिया जाता है। परिणाम घोषित किए जाने से पहले विभागों द्वारा भर्ती एजेंसियों को रिक्तियों की संख्या के बारे में पुन: पुष्टि कर देनी चाहिए। मंत्रालयों/विभागों द्वारा रिक्तियों की पुन: पुष्टि किए जाने के पश्चात, यह भी उन्हीं की जिम्मेदारी होगी कि वे ऐसे रिक्त पदों के लिए चयनित उम्मीदवारों को समायोजित करें। प्रयोक्ता मंत्रालयों/विभागों द्वारा अंतिम रूप से सूचित की गई रिक्तियों को परीक्षा का परिणाम घोषित होने के पश्चात परिवर्तित किया/बदला नहीं जा सकता है। अदालतों द्वारा जारी निर्देशों/आदेशों का कार्यान्वयन, इसके लिए मंत्रालय एवं विभाग समान रूप से उत्तरदायी हैं। वे न्यायालय के निर्देशों को लागू करते समय भर्ती एजेंसियों को पूरा सहयोग दे सकते हैं।

भावी रिक्तियों के समक्ष समायोजित कर सकते हैं

कोई भी मंत्रालय/विभाग, ऐसे मामलों में किसी भी तरह की मुकदमेबाजी से बचने के लिए रिक्तियों की अनुपलब्धता आदि की दलील पर भर्ती एजेंसी को डोजियर वापस करने के बजाय, न्यायालय के आदेशों के आधार पर नामांकित उम्मीदवारों को अपने रोस्टर के अनुसार उपलब्ध/भावी रिक्तियों के लिए समायोजित कर सकते हैं। यदि किसी मंत्रालय/विभाग/संगठन को किसी अन्य मंत्रालय/विभाग/संगठन के प्रशासनिक नियंत्रण में बंद, पुनर्गठित या अंतरित किया जाता है, तो उसका उत्तराधिकारी/प्रशासनिक मंत्रालय/विभाग डोजियर स्वीकार कर सकता है। यदि संगठनों का मंत्रालय स्तर तक का पूरा पदानुक्रम समाप्त हो जाता है, तो जिस मंत्रालय/विभाग को इसका कार्य हस्तांतरित किया गया है, वह डोजियर स्वीकार कर सकता है। इसके अलावा, निकट भविष्य में समाप्त किए जाने वाले प्रस्तावित विभागों/संगठनों को भविष्य की परीक्षाओं के लिए रिक्तियों की सूचना देने से बचना चाहिए।

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