Tamil Nadu: सेंथिल की गिरफ्तारी पर बवाल; अन्नामलाई ने CM पर की सवालों की बौछार, कहा-सात साल में क्या बदल गया?
डीएमके सरकार के मंत्री सेंथिल बालाजी की ईडी द्वारा गिरफ्तारी से राज्य की सियासत गरमा गई है। गिरफ्तारी को लेकर स्टालिन ने भाजपा पर निशाना साधा था। इसी पर अन्नामलाई ने गुरुवार को पलटवार किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की भाजपा के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीएम एक 'साधारण मंच वक्ता' की तरह बात करते हैं। वहीं, तमिलनाडु सरकार के केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को अब तक दी जा रही सामान्य सहमति को वापस लेने पर भी सवाल उठाया।
बालाजी की गिरफ्तारी पर राजनीति
डीएमके सरकार के मंत्री सेंथिल बालाजी की ईडी द्वारा गिरफ्तारी से राज्य की सियासत गरमा गई है। गिरफ्तारी को लेकर स्टालिन ने भाजपा पर निशाना साधा था। इसी पर अन्नामलाई ने गुरुवार को पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पहले खुद ही जांच करने की कहते हैं, फिर सीबीआई द्वारा जांच के लिए सामान्य सहमति वापस लेने का आदेश देते हैं।
सीएम ने भाजपा को दी थी चेतावनी
गौरतलब है, डीएमके अध्यक्ष स्टालिन ने हाल ही में भाजपा को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं को भड़काने के अपने नतीजे हो सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि यह धमकी नहीं चेतावनी है। इस पर अन्नामलाई ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ‘Daring Someone’ यानी किसी की हिम्मत जैसे शब्द सामान्य मंच वक्ताओं द्वारा भीड़ को जोड़े रखने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
स्टालिन तय करें कि वे क्या हैं?
उन्होंने कहा कि स्टालिन मुख्यमंत्री हैं। उन्हें यह तय करना होगा कि वे 8.5 करोड़ तमिल लोगों के मुख्यमंत्री हैं या अपने परिवार और अपने आसपास के एक छोटे से घेरे के लिए। साथ ही उन्हें इस पर विचार करना चाहिए कि क्या इस तरह से बोलना उनके पद के लिए उपयुक्त है या नहीं। भाजपा नेता ने कहा कि सन् 1949 में स्थापित डीएमके वर्षों से सत्ता और विपक्ष में रही है।
यह भी पढ़ें- Tamil Nadu: सेंथिल की गिरफ्तारी से घबराए स्टालिन, भाजपा ने सीबीआई जांच की सहमति नहीं देने पर DMK की आलोचना की
अन्नामलाई के कई सवाल
अन्नामलाई ने सीएम पर सवाल दागते हुए कहा कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो सभी कानूनों और जांच प्रक्रियाओं से अच्छी तरह वाकिफ है। साथ ही 30 साल का विधायी अनुभव है। क्या आपके लिए किसी (बालाजी) को बचाने के लिए दूसरे मंच वक्ताओं की तरह बात करना उचित है? उन्होंने आश्चर्य जताया कि स्टालिन एक आरोपी व्यक्ति के पक्ष में क्यों हैं। साथ ही भाजपा नेता ने उन्हें याद दिलाने की कोशिश की कि पिछले महीने बालाजी के भाई और परिचितों से जुड़े कुछ स्थानों पर तलाशी लेने आए आयकर अधिकारियों पर कथित रूप से हमला किए जाने पर उन्होंने कोई बयान नहीं दिया था।
अन्नामलाई ने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा जब स्टालिन डीएमके के सदस्य नहीं थे तब उन्होंने 2016 में बालाजी के खिलाफ आरोप लगाए थे। साथ ही ईडी की कार्रवाई की मांग की थी। अब जब याचिका पर कार्रवाई की जा रही है तो कुछ कह क्यों नहीं रहे हैं? उन्होंने पूछा कि आखिर सात साल में ऐसा क्या बदल गया? क्या आपकी पार्टी की ओर से इसका स्वागत नहीं किया जाना चाहिए था? तमिलनाडु द्वारा सीबीआई से सामान्य सहमति वापस लेने के मुद्दे पर भाजपा नेता ने कहा कि निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है।
यह है मामला
उल्लेखनीय है, डीएमके शासन के दौरान एक विपक्षी नेता के रूप में स्टालिन ने तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता की मृत्यु, शहर में एक इमारत गिरने, तत्कालीन मंत्रियों के खिलाफ जांच, गुटखा घोटाला, विरोधी प्रदर्शनकारियों पर तूतीकोरिन पुलिस की गोलीबारी सहित कई मामलों की सीबीआई जांच की मांग की थी।
बालाजी की बिगड़ी तबियत
तमिलनाडु के विद्युत मंत्री वी सेंथिल बालाजी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई थी, और फिलहाल उनका इलाज एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है।
कोर्ट से राहत मिलने के बाद बालाजी को गुरुवार को शहर के सरकारी अस्पताल से कावेरी मेन अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। कावेरी मेन अस्पताल के सह-संस्थापक और कार्यकारी निदेशक डॉ अरविंदन सेल्वराज ने एक बयान जारी करते हुए बताया- उनका इलाज वरिष्ठ कार्डियो थोरैसिक सलाहकार ए आर रघुराम के नेतृत्व वाली टीम करेगी। उन्होंने कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्ट (सीएबीजी) सर्जरी की सलाह दी है।
बयान में कहा गया- एनेस्थीसिया के लिए उनका फिटनेस टेस्ट किया जाएगा, जिसके आधार पर ही सर्जरी की योजना बनाई जाएगी। बालाजी का फिलहाल कार्डियक मॉनिटरिंग के साथ आईसीयू में इलाज जारी है। डॉक्टरों और नर्सों की एक टीम उनकी देखभाल कर रही है। पूर्व मुख्मंत्री जे जयललिता के नेतृत्व वाली कैबिनेट में परिवहन मंत्री रह चुके बालाजी को प्रवर्तन निदेशालय ने नकदी के बदले नौकरी घोटाले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
भाजपा नेता ने महापंचायत बुलाने का किया आह्वान
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने आज समुदाय के नेताओं और राज्य भर के विभिन्न मठों के प्रमुखों से हिंदू समाज और देश को बचाने के लिए एक महापंचायत बुलाने का आग्रह किया। कर्नाटक के पूर्व मंत्री रवि राज्य की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा लाए गए धर्मांतरण विरोधी कानून को निरस्त करने के कांग्रेस सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।
रवि ने पूछा, क्या कांग्रेस जबरन धर्म परिवर्तन के पक्ष में है? धर्मांतरण विरोधी कानून बलपूर्वक, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन या किसी भी कपटपूर्ण तरीके से धर्म परिवर्तन पर प्रतिबंध लगाता है। तो कांग्रेस पार्टी का रुख क्या है? क्या वे जबरन धर्मांतरण के पक्ष में हैं? उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, अगर वे (कांग्रेस) जबरन धर्मांतरण के पक्ष में हैं, देश और हिंदू समाज को बचाने के लिए अनिवार्य रूप से विभिन्न समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न मठाधीपतियों, जगद्गुरुओं और संन्यासियों और समुदायों के नेताओं को महापंचायत के लिए कहना चाहिए।
उन्होंने कहा, आत्मरक्षा के लिए और देश व समाज को बचाने के लिए महा पंचायत के माध्यम से हमें आत्मरक्षा के कुछ उपाय करने चाहिए और एक कदम आगे बढ़ते हुए जो हिंदू समाज से दूर चले गए हैं, उन्हें 'साम, दाम, दंड, भेज' का इस्तेमाल करके वापस लाया जाना चाहिए। इन तकनीकों का उपयोग करके पुन: रूपांतरण के लिए उपाय किए जाने चाहिए।