फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Domestic airlines may soon have to share weather data with IMD news in hindi

IMD: अब घरेलू एयरलाइनों को साझा करना पड़ेगा मौसम का डेटा, नागरिक उड्डयन मंत्रालय से चर्चा जारी

Wed, 08 Jan 2025 02:19 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Wed, 08 Jan 2025 02:19 PM IST
सार

भारतीय मौसम विभाग ने विभिन्न ऊंचाई पर तापमान, आर्द्रता और हवा पर डेटा एकत्र करने के लिए 50-60 स्टेशनों पर मौसमी गुब्बारे लॉन्च किए। विमान टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान मौसम का डेटा भी रिकॉर्ड करते हैं।

विज्ञापन
Domestic airlines may soon have to share weather data with IMD news in hindi
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI

विस्तार

सरकारी घरेलू एयरलाइनों के लिए टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान विमान द्वारा कैप्चर किए गए मौसम डेटा को आईएमडी के साथ साझा करना अनिवार्य बनाने की योजना पर काम कर रही है। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम रविचंद्रन ने बताया कि उनका मंत्रालय इस मामले को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ चर्चा कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक साल के भीतर घरेलू एयरलाइनों के लिए मौसम डेटा प्रदान करना अनिवार्य कर दिया जाएगा। 
विज्ञापन


रविचंद्रन ने कहा, "इसे अनिवार्य करना होगा। यह न केवल एयरलाइन परिचालनों के लिए, बल्कि हर जगह मौसम के पूर्वानुमान के लिए भी बहुत उपयोगी है।" उन्होंने बताया कि मौसम का पूर्वानुमान एकत्र किए गए ऑबजर्वेशन पर निर्भर करता है। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव ने कहा, "हमारे पास जितने अधिक ऑबजर्वेशन होंगे, हमारी भविष्यवाणी उतनी ही बेहतर हो सकती है। यह एक्जिट पोल जैसा है। अगर आप विभिन्न स्थानों से डाटा एकत्रित करते हैं तो आपको एक स्पष्ट तस्वीर मिलेगी। इसी तरह हमारा लक्ष्य जहां भी संभव हो वहां का तापमान, आर्द्रता और हवा के बारे में जानकारी एकत्र करना है।"
विज्ञापन


भारतीय मौसम विभाग ने विभिन्न ऊंचाई पर तापमान, आर्द्रता और हवा पर डेटा एकत्र करने के लिए 50-60 स्टेशनों पर मौसमी गुब्बारे लॉन्च किए। विमान टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान मौसम का डेटा भी रिकॉर्ड करते हैं। रविचंद्रन ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर परिचालन करने वाले सभी विमान मौसम डेटा प्रदान करते हैं, क्योंकि कानून की तरफ से इसे आवश्यक बताया गया है। हालांकि, सभी घरेलू विमानों को ऐसा करने की जरूरत नहीं है। कई देशों ने अपनी एयरलाइनों के लिए यह डेटा उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया है और भारत में भी इसी तरह की व्यवस्था की जरूरत है। बता दें कि साल 1875 में भारतीय मौसम विभाग की स्थापना हुई थी और 15 जनवरी को इसके 150 साल पूरे हो रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed