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ओसामा बिन लादेन का ठिकाना खोजने वाले विशेष कुत्ते दिल्ली को बचाएंगे खूंखार आतंकियों से

Wed, 18 Jul 2018 10:18 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 18 Jul 2018 10:18 AM IST
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Dogs who sniffed out laden to help cisf track fidayeen attackers in delhi metro and airport

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के लिए हमेशा से एक चुनौती बना हुआ है। खुफिया एजेंसियों को यहां फिदायीन (आत्मघाती) हमलों के इनपुट हमेशा मिलते रहते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सीआईएसएफ अब अपने श्वान दस्ते (डॉग स्कवॉड) में एक खास प्रजाति के कुत्ते को शामिल करने की योजना बना रहा है। खास बात ये है कि इसी प्रजाति के कुत्ते ने दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकी ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के एबटाबाद में उसके खुफिया ठिकाने को ढूंढने में अमेरिकी सैनिकों की मदद की थी। 

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इस खास प्रजाति के कुत्ते का नाम बेल्जियन मालिंस है। इस प्रजाति के कुत्ते फिदायीन हमलों का मुकाबला करने में सक्षम होते हैं। सीआईएसएफ इन कुत्तों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और दिल्ली मेट्रो पर संभावित फिदायीन (आत्मघाती) हमलों को विफल करने के लिए प्रशिक्षित करेगा। सीआईएसएफ इन दोनों ही जगहों पर सुरक्षा का जिम्मा संभालता है। 
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बता दें कि सीआईएसएफ बेल्जियन मालिंस को अपने श्वान दस्ते (डॉग स्कवॉड) में शामिल करते ही ऐसा करने वाला देश का पहला अर्धसैनिक बल बन जाएगा। ज्ञात हो कि इन कुत्तों को पहली बार काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में विरोधी शिकार अभियान के लिए तैनात किया गया था। 
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एक वरिष्ठ सीआईएसएफ अधिकारी ने बताया कि बेल्जियन मालिंस प्रजाति के कुत्ते का चयन खास तौर पर फिदायीन हमलों से निपटने के लिए ही किया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सीआईएसएफ के श्वान दस्ते में लैब्राडोर, जर्मन शेफर्ड और कॉकर स्पैनियल प्रजाति के श्वान मौजूद हैं। दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में लगे सीआईएसएफ दस्ते के पास 63 श्वान मौजूद हैं। 

उन्होंने बताया कि हाल ही में फिदायीन हमलावरों का मुकाबला करने के लिए हमारे श्वान दस्ते की क्षमता का परीक्षण करने के लिए अभ्यास आयोजित किए गए थे। लेकिन वो इस मिशन में फेल हो गए। जिसके बाद बेल्जियन मालिंस प्रजाति के श्वान को दस्ते में शामिल करने का निर्णय लिया गया। 


बता दें कि इस प्रजाति के कुत्ते का इस्तेमाल हमलावरों की पहचान और उन्हें चित करने के लिए किया जाता है। साल 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा से पहले सुरक्षा का जायजा लेने के लिए इस प्रजाति के एक विशेष दस्ते को दिल्ली लाया गया था। हालांकि बेल्जियन मालिंस लोगों के अनुकूल (पीपुल-फ्रेंडली) नहीं होते हैं, लेकिन विशेष प्रशिक्षण के जरिए उन्हें काबू में किया जा सकता है। 

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