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उपराष्ट्रपति बोले- प्राचीन भारत में डॉक्टर करते थे मोतियाबिंद का ऑपरेशन और प्लास्टिक सर्जरी
एजेंसी, कोच्चि
Updated Tue, 22 May 2018 10:47 AM IST
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वैंकेया नायडु
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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सोमवार को विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत में डॉक्टर मोतियाबंद का ऑपरेशन और प्लास्टिक सर्जरी करने में सक्षम थे। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास ऐसे लोगों से भरा पड़ा है जिन्होंने मानव ज्ञान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
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नायडू ने कहा कि प्राचीन भारत में डॉक्टरों के अलावा कई वैज्ञानिक, गणितज्ञ, भौतिक शास्त्री, रसायन शास्त्री, धातुशोधक, अंतरिक्षयात्री और कई आविष्कारकों के पास महत्वपूर्ण मानव ज्ञान था। नायडू कलेडी में एक युवा वैज्ञानिक को सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
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कलेडी से 45 किमी की दूरी पर आदि शंकराचार्य का जन्मस्थान है। नायडू ने हम आर्यभट्ट, पिंगला, ब्रह्मगुप्त, भास्कर, वराहमिहिर, चारक और सुश्रृत जैसे प्रख्यात नामों को याद कर सकते हैं। भारत ने दुनिया को शून्य एवं बाइनरी प्रणाली की संकल्पना दी।
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उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमें इस्पात मिश्र धातु और द्रवीभूत जस्ता बनाना आता था. हमारे प्राचीन सर्जन प्लास्टिक सर्जरी और मोतियाबिंद के ऑपरेशन सहित जटिल ऑपरेशन कर सकते थे।
उन्होंने कलेडी के आदि शंकरा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आदि शंकरा एशियानेट न्यूज यंग साइंटिस्ट अवार्ड 2018 प्रदान किए. नायडू ने कहा कि ये पुरस्कार युवा भारत में अंतर्निहित जिज्ञासा , बुद्धिमत्ता और अभिनव पहल की एक स्पष्ट गवाही हैं।