{"_id":"62d5921186eba425355d45ad","slug":"do-not-let-kerala-assembly-become-a-kaurava-sabha-where-women-are-insulted-udf","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kerala: माकपा विधायक की विवादित टिप्पणी पर बवाल, यूडीएफ ने कहा- केरल विधानसभा को 'कौरव सभा' न बनने दें","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kerala: माकपा विधायक की विवादित टिप्पणी पर बवाल, यूडीएफ ने कहा- केरल विधानसभा को 'कौरव सभा' न बनने दें
Mon, 18 Jul 2022 10:32 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 18 Jul 2022 10:32 PM IST
सार
केरल विस में विपक्ष के नेता सतीसन ने कहा कि केरल जैसा प्रगतिशील राज्य इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकता कि विधवा होना महिलाओं का भाग्य है। उन्होंने कहा कि इस तरह का निष्कर्ष 'सती' का आधार है और केरल जैसे राज्य के लिए इस तरह के निष्कर्ष पर आना अनुचित है।
विज्ञापन
केरल विधानसभा
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने सोमवार को सदन में कहा कि केरल विधानसभा को कौरव सभा में न बदलें जहां महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। उन्होंने मांग की कि माकपा विधायक एम.एम.मणि द्वारा एक महिला विधायक के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी को रिकॉर्ड से वापस लिया जाए।
विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने क्या कहा?
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता (एओपी) वी.डी.सतीसन ने कहा कि उन्होंने पहले मणि से अपनी टिप्णी वापस लेने के लिए कहा था और फिर मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से अनुरोध किया था कि वह माकपा विधायक को आरएमपी विधायक केके रीमा के खिलाफ कही गई बातों को वापस लेने का निर्देश दें। लेकिन दोनों में से कोई भी ऐसा करने के लिए तैयार नहीं था। इससे दो महत्वपूर्ण प्रश्न उठते हैं- एक, क्या विधानसभा इस निष्कर्ष पर पहुंच सकती है कि विधवा होना एक महिला का भाग्य है और दूसरा, क्या सदन एक 'कौरव सभा' है जहां महिलाओं का अपमान किया जाता है।
सतीसन ने कहा कि केरल जैसा प्रगतिशील राज्य इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकता कि विधवा होना महिलाओं का भाग्य है। उन्होंने कहा कि इस तरह का निष्कर्ष 'सती' का आधार है और केरल जैसे राज्य के लिए इस तरह के निष्कर्ष पर आना अनुचित है। दूसरा, विधानसभा कोई 'कौरव सभा' नहीं है जहां 'दुर्योधन' और 'दुशासन' महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं।
विज्ञापन
सतीसन ने बयान को रिकॉर्ड से हटाने का किया आग्रह
सतीसन ने आगे कहा, "यह एक नियमसभा (विधानसभा) है। इसे 'कौरव सभा' में बदलने की अनुमति न दें। हम सभापति से सदन के रिकॉर्ड से माकपा विधायक (मणि) की टिप्पणी को हटाने का आग्रह करते हैं। वहीं डिप्टी स्पीकर चित्तयम गोपकुमार ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी।
पिछले सप्ताह मणि द्वारा रीमा के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी के बाद केरल विधानसभा में खूब हंगामा हुआ था। विपक्षी यूडीएफ सदस्यों के जोरदार हंगामे के कारण 15 जुलाई को सदन की कार्रवाई बंद करनी पड़ी थी।
माकपा विधायक ने विवादित बयान में क्या कहा था?
उससे एक दिन पहले मणि ने पुलिस द्वारा धन के अनुरोध पर सदन की चर्चा में भाग लेते हुए रीमा की ओर इशारा करते हुए कहा था कि एक 'महाति' (महान व्यक्ति), जो मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और एलडीएफ के खिलाफ बोलती थी, विधवा हो गई और यह उसकी किस्मत थी। उन्होंने कहा था, "हम (वाम मोर्चा) इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं।" उस दिन भी विपक्ष ने टिप्पणी का विरोध किया था और मांग की थी कि वह रीमा से माफी मांगें और अपनी टिप्पणी वापस लें।
विज्ञापन
विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने क्या कहा?
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता (एओपी) वी.डी.सतीसन ने कहा कि उन्होंने पहले मणि से अपनी टिप्णी वापस लेने के लिए कहा था और फिर मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से अनुरोध किया था कि वह माकपा विधायक को आरएमपी विधायक केके रीमा के खिलाफ कही गई बातों को वापस लेने का निर्देश दें। लेकिन दोनों में से कोई भी ऐसा करने के लिए तैयार नहीं था। इससे दो महत्वपूर्ण प्रश्न उठते हैं- एक, क्या विधानसभा इस निष्कर्ष पर पहुंच सकती है कि विधवा होना एक महिला का भाग्य है और दूसरा, क्या सदन एक 'कौरव सभा' है जहां महिलाओं का अपमान किया जाता है।
विज्ञापन
सतीसन ने कहा कि केरल जैसा प्रगतिशील राज्य इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकता कि विधवा होना महिलाओं का भाग्य है। उन्होंने कहा कि इस तरह का निष्कर्ष 'सती' का आधार है और केरल जैसे राज्य के लिए इस तरह के निष्कर्ष पर आना अनुचित है। दूसरा, विधानसभा कोई 'कौरव सभा' नहीं है जहां 'दुर्योधन' और 'दुशासन' महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं।
विज्ञापन
सतीसन ने बयान को रिकॉर्ड से हटाने का किया आग्रह
सतीसन ने आगे कहा, "यह एक नियमसभा (विधानसभा) है। इसे 'कौरव सभा' में बदलने की अनुमति न दें। हम सभापति से सदन के रिकॉर्ड से माकपा विधायक (मणि) की टिप्पणी को हटाने का आग्रह करते हैं। वहीं डिप्टी स्पीकर चित्तयम गोपकुमार ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी।
पिछले सप्ताह मणि द्वारा रीमा के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी के बाद केरल विधानसभा में खूब हंगामा हुआ था। विपक्षी यूडीएफ सदस्यों के जोरदार हंगामे के कारण 15 जुलाई को सदन की कार्रवाई बंद करनी पड़ी थी।
माकपा विधायक ने विवादित बयान में क्या कहा था?
उससे एक दिन पहले मणि ने पुलिस द्वारा धन के अनुरोध पर सदन की चर्चा में भाग लेते हुए रीमा की ओर इशारा करते हुए कहा था कि एक 'महाति' (महान व्यक्ति), जो मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और एलडीएफ के खिलाफ बोलती थी, विधवा हो गई और यह उसकी किस्मत थी। उन्होंने कहा था, "हम (वाम मोर्चा) इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं।" उस दिन भी विपक्ष ने टिप्पणी का विरोध किया था और मांग की थी कि वह रीमा से माफी मांगें और अपनी टिप्पणी वापस लें।