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डीएमके अध्यक्ष स्टालिन ने की 49 बुद्धिजीवियों के खिलाफ राजद्रोह के मामले को हटाने की मांग
Sat, 05 Oct 2019 06:00 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
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Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 05 Oct 2019 06:00 PM IST
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डीएमके अध्यक्ष स्टालिन
- फोटो : ANI
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चेन्नई में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के अध्यक्ष एम के स्टालिन ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन 49 बुद्धिजीवियों पर लगे देशद्रोह के आरोप को हटाने की मांग की है, जिन्होंने मॉब लिंचिंग पर चिंता जताते हुए पीएम को पत्र लिखा था।
स्टालिन ने कहा, "मैं उन 49 बुद्धिजीवियों के खिलाफ राजद्रोह के मामले को हटाने की मांग करता हूं जिन्होंने प्रधानमंत्री को भीड़ हिंसा पर चिट्ठी लिखी थी।"
बता दें बीते महीने निर्देशक अनुराग कश्यप समेत 49 हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखा था। पत्र में लिखा गया था कि अफसोस की बात है कि 'जय श्री राम' आज एक भड़काऊ युद्ध बन गया है। भारत के बहुसंख्यक समुदाय में राम का नाम पवित्र हैं।
एक जनवरी 2009 से 29 अक्टूबर 2018 के बीच 254 धार्मिक पहचान आधारित हिंसा दर्ज की गई है। जबकि 2016 में दलितों पर अत्याचार के 840 मामले सामने आए हैं। और अब इस मामले में उन सभी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
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स्टालिन ने कहा, "मैं उन 49 बुद्धिजीवियों के खिलाफ राजद्रोह के मामले को हटाने की मांग करता हूं जिन्होंने प्रधानमंत्री को भीड़ हिंसा पर चिट्ठी लिखी थी।"
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Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) President MK Stalin in Chennai: I demand to drop the sedition case against 49 intellectuals who wrote to Prime Minister on mob lynching pic.twitter.com/tH6xGZZFZ0
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 5, 2019
बता दें बीते महीने निर्देशक अनुराग कश्यप समेत 49 हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखा था। पत्र में लिखा गया था कि अफसोस की बात है कि 'जय श्री राम' आज एक भड़काऊ युद्ध बन गया है। भारत के बहुसंख्यक समुदाय में राम का नाम पवित्र हैं।
एक जनवरी 2009 से 29 अक्टूबर 2018 के बीच 254 धार्मिक पहचान आधारित हिंसा दर्ज की गई है। जबकि 2016 में दलितों पर अत्याचार के 840 मामले सामने आए हैं। और अब इस मामले में उन सभी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।