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कौन हैं शिवाजी कृष्णमूर्ति?: विवादित टिप्पणी मामले सुनाई गई तीन साल की सजा, BJP महिला नेता पर दिया था बयान

Sun, 15 Feb 2026 09:55 AM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: लव गौर Updated Sun, 15 Feb 2026 09:55 AM IST
सार

Who is Sivaji Krishnamurthy: तमिलनाडु की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेता शिवाजी कृष्णमूर्ति को भाजपा महिला नेता और राज्यपाल आर. एन. रवि पर अपमानजनक टिप्पणी के मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई है। शिवाजी कृष्णमूर्ति ने साल 2023 में एक सभा के दौरान अशोभनीय टिप्पणी की थी।

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DMK expelled Sivaji Krishnamurthy sentenced 3 years imprisonment for TN Governor-Khushbu Sundar Remark case
शिवाजी कृष्णमूर्ति को तीन साल की सजा - फोटो : ANI

विस्तार

तमिलनाडु के सत्तारूढ़ दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेता शिवाजी कृष्णमूर्ति को एग्मोर कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उनको यह सजा साल 2023 में एक सभा के दौरान भाजपा महिला नेता खुशबू सुंदर और राज्यपाल आरएन रवि पर की गई अपमानजनक टिप्पणी के मामले में दी। शिवाजी कृष्णमूर्ति के खिलाफ चेन्नई की  कोडुंगईयूर पुलिस ने पांच धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
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तीन साल की सजा और 20 हजार का लगाया जुर्माना
एग्मोर स्थित 10वीं महानगर मजिस्ट्रेट अदालत ने डीएमके नेता शिवाजी कृष्णमूर्ति को राज्यपाल आरएन रवि और भाजपा नेता खुशबू सुंदर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। मजिस्ट्रेट पी रेवती ने शनिवार (14 फरवरी) को 65 वर्षीय शिवाजी को इस मामले में दोषी पाया। कैद की सजा के अलावा अदालत ने उन पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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यह मामला 16 जून, 2023 को एरुक्कनचेरी स्थित कृष्णमूर्ति हॉल में डीएमके की ओर से आयोजित एक जनसभा से जुड़ा है। अपने भाषण में शिवाजी ने कथित तौर पर तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि, अभिनेत्री से राजनेता बनी खुशबू सुंदर, विपक्ष के नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई और पूर्व मंत्री डी. जयकुमार के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया था।
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कौन हैं शिवाजी कृष्णमूर्ति? पार्टी से भी निकाला था
शिवाजी कृष्णमूर्ति डीएमके के प्रवक्ता हैं। हालांकि उनको विवादित बयान के बाद पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाते हुए निष्कासित कर दिया था। लेकिन फिर बाद में निलंबन रद्द दिया गया। उन्होंने अपने भाषण के लिए माफी मांग ली थी। जिसके बाद उनकी वापसी हो गई।

जून 2023 में किया गया था गिरफ्तार
शिकायतों के बाद कोडुंगईयूर पुलिस स्टेशन ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 294(ख) (अश्लील भाषा का प्रयोग), 504 (शांति भंग करने के उद्देश्य से जानबूझकर अपमान करना) और 505(2) (समूहों के बीच द्वेष को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद उन्हें जून 2023 में गिरफ्तार किया गया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष दोनों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों की जांच करने के बाद अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अपील दायर करने सहित आगे की कानूनी कार्रवाई की उम्मीद है।


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जानिए क्या की थी टिप्पणी?
बता दें कि कृष्णमूर्ति ने अपने बयान में कहा था कि अगर राज्यपाल अपने विधानसभा भाषण में अंबेडकर का नाम लेने से इनकार करते हैं, तो क्या मुझे उन पर हमला करने का अधिकार नहीं है? इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा था कि अगर आप (राज्यपाल) तमिलनाडु सरकार द्वारा दिए गए भाषण को नहीं पढ़ते हैं, तो कश्मीर चले जाइए और हम आतंकवादियों को भेजेंगे ताकि वे आपको गोली मार दें। वहीं उन्होंने भाजपा नेत्री खुशबू सुंदर को पुराना ढोल कहा था।

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