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UNESCO: अमूर्त विश्व धरोहर बनेगी दीपावली, यूनेस्को आज कर सकता है एलान, रोशन होंगी ऐतिहासिक इमारतें
Wed, 10 Dec 2025 05:27 AM IST
लव गौर
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: लव गौर
Updated Wed, 10 Dec 2025 05:27 AM IST
सार
आज दिवाली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में मान्यता मिलने की संभावना है। ऐसे में आज दिल्ली में विशेष दीपोत्सव मनाने की तैयारी चल रही है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
देशभर की ऐतिहासिक धरोहरों में आज (बुधवार) को दिवाली मनेगी। उन्हें रोशनी से गुलजार किया जाएगा। दरअसल, यूनेस्को की ओर से आज सुबह भारत के दिवाली पर्व को अमूर्त विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने की उम्मीद है। इसी का उत्सव मनाने के लिए सभी ऐतिहासिक धरोहरों को रोशनी से नहलाकर फिर दिवाली मनाई जाएगी।
इसका मकसद, यूनेस्को प्रतिनिधिमंडल समेत विदेशी मेहमानों को दिवाली से रूबरू कराना है। दिल्ली सरकार विशेष रूप से ऐतिहासिक स्मारकों पर दिवाली जैसी तैयारी कर रही है। मालूम हो कि भारत ने मार्च, 2024 में दिवाली को अमूर्त विश्व धरोहर में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था।
केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर बैठक में चर्चा के बाद लाल किले से यूनेस्को की ओर से एलान हो सकता है। बैठक में 180 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
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लाल किले में विदेशी मेहमान दीप व रंगोली के जश्न के बनेंगे गवाह
ऐतिहासिक धरोहरों में लाल किला भी शामिल है, जहां यूनेस्को की अमूर्त विश्व धरोहर बैठक चल रही है। लाल किले में विशेष रंगोली और दीपोत्सव का इंतजाम किया गया है। यूनेस्को अधिकारी, विशेषज्ञ, एनजीओ व सांस्कृतिक विरासत से जुड़े लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
ये भी पढ़ें: दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होना गौरवपूर्ण : कपिल
फिलहाल, भारत की 15 धरोहरें पहले से इस सूची में जगह बना चुकी हैं। इसमें दुर्गा पूजा, कुंभ मेला, वैदिक मंत्रोच्चार, रामलीला, छऊ नृत्य भी शामिल हैं।
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इसका मकसद, यूनेस्को प्रतिनिधिमंडल समेत विदेशी मेहमानों को दिवाली से रूबरू कराना है। दिल्ली सरकार विशेष रूप से ऐतिहासिक स्मारकों पर दिवाली जैसी तैयारी कर रही है। मालूम हो कि भारत ने मार्च, 2024 में दिवाली को अमूर्त विश्व धरोहर में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था।
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केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर बैठक में चर्चा के बाद लाल किले से यूनेस्को की ओर से एलान हो सकता है। बैठक में 180 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
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लाल किले में विदेशी मेहमान दीप व रंगोली के जश्न के बनेंगे गवाह
ऐतिहासिक धरोहरों में लाल किला भी शामिल है, जहां यूनेस्को की अमूर्त विश्व धरोहर बैठक चल रही है। लाल किले में विशेष रंगोली और दीपोत्सव का इंतजाम किया गया है। यूनेस्को अधिकारी, विशेषज्ञ, एनजीओ व सांस्कृतिक विरासत से जुड़े लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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फिलहाल, भारत की 15 धरोहरें पहले से इस सूची में जगह बना चुकी हैं। इसमें दुर्गा पूजा, कुंभ मेला, वैदिक मंत्रोच्चार, रामलीला, छऊ नृत्य भी शामिल हैं।