फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Dinesh Trivedi replied about joining BJP, targeting Mamata banerjee too

दिनेश त्रिवेदी बोले-ममता नहीं, प्रशांत किशोर जैसे लोग कार्पोरेट शैली में चला रहे तृणमूल

Sat, 13 Feb 2021 04:45 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 13 Feb 2021 04:45 PM IST
विज्ञापन
Dinesh Trivedi replied about joining BJP, targeting Mamata banerjee too
दिनेश त्रिवेदी - फोटो : ANI

राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेता दिनेश त्रिवेदी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ काफी आक्रामक नजर आ रहे हैं। वे ममता बनर्जी पर लगातार हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अपना सिर ऊपर रखने की बात करती हैं तो उन्हें पता होना चाहिए कि हर इंसान अपना सिर ऊपर रखना चाहता है लेकिन अगर राज्य में हिंसा और डर का माहौल है तो फिर सिर ऊंचा नहीं रख सकते। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस को ममता बनर्जी नहीं चला रही हैं। वह आउट सोर्स कर रही है। ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी, चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर व डेरेक ओ ब्रॉयन जैसे लोग कार्पोरेट शैली में पार्टी चला रहे हैं।

विज्ञापन


वहीं इस बीच उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मैं भाजपा और उसके वरिष्ठ नेताओं का बहुत आभारी हूं, क्योंकि मुझे बताया गया कि है कि देश की सबसे बड़ी पार्टी में मेरा स्वागत है। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। लेकिन मुझे अभी कुछ समय चाहिए ताकि खुद को स्थापित कर सकूं।
विज्ञापन


जिस मुद्दे के लिए पार्टी बनाई गई थी, वो अब नहीं रही
त्रिवेदी ने कहा कि जब नड्डा जी की गाड़ी पर हमला हुआ तो मैंने उसकी आलोचना की। परन्तु टीएमसी ने मेरी आलोचना की। जब मैंने भ्रष्टाचार की आलोचना की तो पार्टी ने मेरी आलोचना की। जिस चीज के लिए पार्टी बनाई गई थी, वो अब नहीं रही, अब कुछ और ज्यादा जरूरी हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


टीएमसी पर कॉरपोरेट पेशेवरों का कब्जाः त्रिवेदी
इससे पहले त्रिवेदी ने शुक्रवार को राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद कहा कि तृणमूल कांग्रेस अब ममता बनर्जी की पार्टी नहीं रही। उस पर कुछ कॉरपोरेट पेशेवरों ने इस पर कब्जा कर लिया है, जिन्हें राजनीति का कोई ज्ञान नहीं है।

पार्टी में कोई फोरम नहीं है, जहां अपनी बात रखी जा सके। संसद में मूकदर्शक की तरह बैठना बंगाल के साथ नाइंसाफी होती। पार्टी में मैं अकेला नहीं हूं। अगर आप अन्य लोगों से पूछे तो वह भी यही महसूस करते हैं। मुझे राज्यसभा भेजने के लिए मैं पार्टी को धन्यवाद देता हूं। 

मैंने अंतरात्मा की आवाज सुनी
इससे पहले, त्रिवेदी ने शुक्रवार को चर्चा के दौरान उपसभापति से अपनी बात कहने का समय मांगा। उन्होंने कहा, आज एक बार फिर वह घड़ी आई जब मैंने अंतरात्मा की आवाज सुनी। मैं बैठे-बैठे सोच रहा था कि हम सब राजनीति में क्यों हैं। देश के लिए हैं, देश सर्वोपरि है।

उन्होंने बताया कि ऐसी ही घड़ी उस समय भी आई थी, जब मैं रेलमंत्री था। निर्णय मुश्किल था कि देश बड़ा, मेरा दल बड़ा या मैं बड़ा हूं। आज दुनिया हिंदुस्तान की ओर देखती है। मेरे राज्य में हिंसा हो रही है, लोकतंत्र में अजीब लग रहा है, क्या करूं।


आगे कहा कि पार्टी का अपना अनुशासन होता है, घुटन महसूस कर रहा हूं। आत्मा की आवाज आती है कब तक ऐसे चुपचाप देखते रहें, लिहाजा त्यागपत्र देना चाहता हूं। उनकी इस घोषणा पर उपसभापति हरिवंश ने कहा कि सदन से इस्तीफा देने की एक प्रक्त्रिस्या है। आप लिखित में इस्तीफा सभापति को सौंपे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed