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गृह मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव बोले- आईएसआई की भाषा बोलते हैं दिग्विजय सिंह
Mon, 02 Sep 2019 01:42 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 02 Sep 2019 01:42 PM IST
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पूर्व अवर सचिव आरवीएस मणि
- फोटो : ANI
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गृह मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव आरवीएस मणि ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वह सिंह के बयान से चकित हैं। रविवार को कांग्रेस नेता ने भाजपा और बजरंग दल पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से पैसा लेकर उसके लिए जासूसी करने का आरोप लगाया था।
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मणि ने कहा, 'यह हैरानी वाली बात है कि वह इस तरह की बातें बोल रहे हैं। देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों का कोई धर्म नहीं होता है। जहां तक दिग्विजय सिंह की बात है उनपर आईएसआई से संबंध रखने के आरोप लग चुके हैं। ये मैं नहीं कह रहा हूं बल्कि 2006 और 2008 की मीडिया रिपोर्ट में यह बातें आई थीं। वह आईएसआई की भाषा बोलते हैं।'
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रविवार को सिंह ने उस समय विवाद खड़ा कर दिया था जब उन्होंने भाजपा, आरएसएस और बजरंग दल पर आईएसआई से पैसा लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि बजरंग दल, भाजपा आईएसआई (पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी) से पैसा ले रहे हैं। इनपर ध्यान देने की जरूरत है। गैर-मुस्लिम पाकिस्तान की आईएसआई के लिए मुस्लिमों की तुलना में ज्यादा जासूसी कर रहे हैं। हमें इसे समझना चाहिए।
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हालांकि जब विवाद बढ़ने पर वह अपने बयान से पलट गए और उसे सिरे से खारिज कर दिया। सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ चैनल चला रहे हैं कि मैंने भाजपा पर यह आरोप लगाया है कि वे आईएसआई से पैसा लेकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हैं। यह पूरी तरह से गलत है।
पूर्व अवर सचिव मणि ने कहा कि यदि सिंह के पास आईएसआई और आरएसएस के बीच किसी तरह के लिंक होने का सबूत है तो उन्होंने यूपीए शासनकाल में उसपर प्रतिबंध क्यों नहीं लगवाया। उन्होंने कहा, '2014 तक दिग्विजय सिंह की पार्टी सत्ता में थी तो क्यों उन्होंने आरएसएस और अन्य संगठनों को प्रतिबंधित नहीं किया? यदि उनके पास तथ्य हैं तो क्यों उन्होंने कानूनी कार्रवाई नहीं की?'
मणि ने आगे कहा, 'उनका (दिग्विजय सिंह) बयान तर्कहीन है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। वह बार-बार हिंदू समुदाय की बेइज्जती करते हैं। बहुत सी अदालतों ने अपने आदेश में हिंदू आतंकवाद का भंडाभोड़ किया है। अपनी किताब में मैंने बताया है कि कैसे हिंदू आतंकवाद की बात झूठी थी। सिंह सामुदायिक विभाजन करने की कोशिश कर रहे हैं।'