डिजिटल साक्षरता को और तेज करना अगला लक्ष्य: रवि शंकर प्रसाद
- टेलीकॉम में 27000 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) किया गया
- 61066 ग्राम पंचायत ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ गए
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विस्तार
आगामी 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार अपने कार्यकाल का दो वर्ष पूरा करने जा रही है। इन दो सालों में देश में सबसे अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश टेलीकॉम क्षेत्र में आया। चीन में बनने वाले मोबाइल फोन भारत में बनाए जाने लगे। मोबाइल फोन धारकों की संख्या एक अरब से अधिक हो गई। घाटे में चलने वाली बीएसएनएल लाभ में आ गई। डाकघरों के राजस्व में बढ़ोतरी हुई। सरकार अब डिजिटल इंडिया को सफलीभूत करने के लिए डिलिवरी में तेजी के साथ डिजिटल साक्षरता में तेजी लाना चाहती है। इन तमाम मसलों पर केंद्रीय संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद से अमर उजाला की विस्तृत बातचीत के अंश:
प्रश्न: संचार भवन में प्रवेश करने के बाद सबसे पहला काम क्या किया?
उत्तर: देखिए, हमारे आने से पहले संचार भवन बिचौलियों का अड्डा बन गया था। 2जी घोटाला उसका ही परिणाम था। हमें सबसे पहले संचार भवन की छवि को ठीक करना था। आज मुझे इस बात का संतोष है कि संचार भवन में बिचौलियों का आना बिल्कुल बंद हो चुका है और सारे निर्णय साफगोई से लिए जाते हैं। पारदर्शिता बरती जाती है सभी चीजों में। हमारे आने के बाद 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये की नीलामी की गई स्पेक्ट्रम की, लेकिन सबकुछ पारदर्शी तरीके से हुआ। पिछले दो साल में टेलीकॉम में 27000 करोड़ का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) किया गया जो अब तक का सबसे अधिक एफडीआई है।
प्रश्न: सरकार के जन कार्यक्रम में टेलीकॉम का क्या योगदान रहा?
उत्तर: जन वितरण प्रणाली और गैस सब्सिडी को आधार से जोड़ने पर सरकार को 21000 करोड़ रुपये की बचत हुई। 100 करोड़ से अधिक लोगों के पास मोबाइल फोन है। 40 करोड़ से अधिक लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। आधार कार्ड रखने वालों की संख्या 100 करोड़ पार कर चुकी है। सब दूरसंचार व सूचना प्रौद्योगिकी की बदौलत ही संभव हो पाया है।
प्रश्न: टेलीफोन घनत्व के बारे में बताइए?
उत्तर: आपको बता दे कि मार्च, 2014 में टेलीफोन का घनत्व 75.23 फीसदी था जो बढ़कर 82.93 फीसदी हो गया है। ग्रामीण इलाके में यह घनत्व मात्र 44.01 फीसदी था जो बढ़ोतरी के साथ 50.63 फीसदी के स्तर पर पहुंच चुका है।
61066 ग्राम पंचायत ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ गए
प्रश्न: 2.5 लाख ग्राम पंचायत में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का लक्ष्य कब तक पूरा कर लिया जाएगा?
उत्तर: देखिए, ऑप्टिकल फाइबल बिछाने का काम वर्ष 2011 से शुरू किया गया। 14 जून, 2014 तक तीन साल में 2292 किलोमीटर पाइप बिछाई गई और उस पाइप में मात्र 358 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का काम किया गया। इस साल 8 मई तक 1 लाख 40 हजार किलोमीटर आप्टिकल फाइबर पाइप को बिछाने का काम पूरा कर लिया गया और 742 किलोमीटर तक आप्टिकल फाइबर बिछा दिया गया जिससे 61066 ग्राम पंचायत ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ गए।
प्रश्न: आम लोगों से जुड़ी सेवाओं को लेकर क्या-क्या किया गया?
उत्तर: हम आपको बताना चाहेंगे कि जनसुविधा के लिए आईटी का प्रयोग जितना इस सरकार ने किया है, किसी और ने नहीं किया। नेशनल स्कॉलरशिप के लिए हमने पोर्टल लांच किया। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि इस पोर्टल पर 1 करोड़ 6 लाख पंजीयन किया गया। वैसे ही 37 अस्पतालों में 20 लाख नियुक्तियां (डाक्टर से दिखाने के लिए अप्वाइंटमेंट) ली जा चुकी है।
प्रश्न: डाकघर के आधुनिकीकरण व विस्तार की क्या योजना है?
उत्तर: पिछले दो साल में पोस्टल क्रांति आई है। स्पीड पोस्ट को सीएजी ने बेस्ट कंपनी का अवार्ड दिया। स्पीड पोस्ट के राजस्व में 7.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई
है। ई-कॉमर्स की वजह से डाक घर के पार्सल राजस्व में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2013-14 में डाक घर के पार्सल राजस्व में 2 फीसदी की गिरावट
आई थी। वित्त्त वर्ष 2014-15 में पार्सल राजस्व में 45 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और 15-16 में 80 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई। सुकन्या समृद्धि योजना
के तहत डाक घरों में एक साल में 85.28 लाख खाते खोले गए और 4 हजार 96 करोड़ रुपये जमा हुए।
प्रश्न: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग के प्रोत्साहन के लिए क्या किया जा रहा है?
उत्तर: आज ऐसी कोई भी मोबाइल कंपनी नहीं है जो भारत में मोबाइल फोन का निर्माण नहीं कर रही है। मोबाइल फोन निर्माण में 83 फीसदी की बढो़तरी हुई है। पिछले एक साल में 11 करोड़ मोबाइल फोन बनाए गए हैं। अब तक इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग में 1 लाख 21 हजार 502 करोड़ रुपये का निवेश किया
गया है।