फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Digital Personal Data Protection Bill 2023 to be introduced in lok sabha Parliament Monsoon Session updates

Parliament Session: आज पेश हो सकता है डीपीडीपी विधेयक, धनखड़ बोले- सदन उतना ही पीएम का, जितना किसी और सांसद का

Thu, 03 Aug 2023 06:35 AM IST
गुलाम अहमद अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Thu, 03 Aug 2023 06:35 AM IST
सार

लोकसभा में बुधवार को विपक्ष के हंगामे के कारण दिल्ली में अधिकारियों के स्थानांतरण और नियुक्ति मामले में उपराज्यपाल को अधिक अधिकार देने वाले राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन संशोधन विधेयक पर चर्चा नहीं हो पाई। 

विज्ञापन
Digital Personal Data Protection Bill 2023 to be introduced in lok sabha Parliament Monsoon Session updates
संसद (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार को कहा कि उन्हें बृहस्पतिवार को डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) विधेयक संसद में प्रस्तुत होने की उम्मीद है। उन्होंने राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास के इस आरोप को नकार दिया कि डीपीडीपी विधेयक को संचार व आईटी के लिए बनी स्थायी समिति को पहले से दिया गया है। चंद्रशेखर ने कहा, वह गलत जानकारी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थायी समिति ने खुद ही नागरिकों की निजता और डाटा संरक्षण विषय का मूल्यांकन किया, पुराने मसौदे को देखा और टिप्पणी की है।

विज्ञापन


लोकसभा में बुधवार को विपक्ष के हंगामे के कारण दिल्ली में अधिकारियों के स्थानांतरण और नियुक्ति मामले में उपराज्यपाल को अधिक अधिकार देने वाले राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन संशोधन विधेयक पर चर्चा नहीं हो पाई। सरकार की योजना इस विधेयक को बुधवार को ही लोकसभा से पारित करा कर गुरुवार को राज्यसभा में पेश करने की थी। सरकार अब बृहस्पतिवार को इसे लोकसभा से पास करा सकती है।
विज्ञापन


विपक्ष की मांग पर सभापति धनखड़ की दो टूक
वहीं, राज्यसभा में विपक्षी दलों के मणिपुर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग पर अड़े रहने के बीच सभापति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को स्पष्ट कहा कि वह प्रधानमंत्री को सदन में आने का निर्देश नहीं दे सकते और न ही देंगे। संसद का मानसून सत्र के शुरू होने के बाद से ही विपक्षी सदस्य मणिपुर के मुद्दे पर नियम 267 के तहत चर्चा और प्रधानमंत्री के बयान की मांग कर रहे हैं। उच्च सदन की बैठक सुबह शुरू होने पर सभापति धनखड़ ने कहा कि उन्हें मणिपुर की स्थिति पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत 58 नोटिस मिले हैं। उन्होंने नोटिस को अस्वीकार करते हुए कहा कि मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए उन्होंने पहले ही व्यवस्था दी थी और सरकार भी चर्चा के लिए तैयार थी। इसके बाद उन्होंने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने का मौका दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


खरगे ने कहा कि उन्होंने नियम 267 के तहत एक नोटिस दिया है और उसमें स्पष्ट किया है कि क्यों पीएम को सदन में आकर बयान देना चाहिए। इस पर धनखड़ ने कहा, सदन उतना ही प्रधानमंत्री का है, जितना किसी अन्य सांसद का है। उन्हें आने का निर्देश नहीं दे सकते । इसके बाद विपक्ष ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।


यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा रेलवे
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय कर रहा है। इसी कड़ी में 866 रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। रेल मंत्री ने लोकसभा को यह भी बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के पास स्थित रेलवे स्टेशनों पर विशेष रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की तैनाती सहित विशेष व्यवस्था की गई है। इससे सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed