चुनाव परिणाम: जानें कहां पास, कहां फेल हुए एग्जिट पोल
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देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव परिणाम सबके सामने आ गए। इन चुनाव परिणामों के पहले अलग अलग एग्जिट पोल आए थे। जिसमें से कई हकीकत के करीब हुए तो कुछ पूरी तरह फेल हो गए। पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही आए एग्जिट पोल के नतीजों के मुताबिक असम, तमिलनाडु और केरल में सत्ता परिवर्तन के रुझान दिख रहे थे लेकिन अम्मा ने तमिलनाडु में फिर से जोरदार वापसी कर ली। टीवी चैनलों के एग्जिट पोल के नतीजे असम में भारतीय जनता पार्टी, तमिलनाडु में द्रमुक और केरल में एलडीएफ की जीत की ओर इशारा कर रहे थे लेकिन यहां वो गलत साबित हो गए। इतना ही नहीं एग्जिट पोल केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में कांग्रेस और द्रमुक का गठबंधन जीता हुआ बता रहे थे लेकिन खबर लिखे जाने तक वहां भी एआईएनआरसी कांग्रेस पर एक सीट की बढ़त बनाए हुई थी।
एग्जिट पोल के नतीजों में असम में पहली बार भाजपा की सरकार बनती दिख रही थी जो हकीकत साबित हुई और भाजपा ने राज्य में 83 सीट हासिल की। एग्जिट पोल के नतीजे पश्चिम बंगाल में भी सच के करीब साबित हुए। पोल ममता बनर्जी को अपने दम पर आगे बढ़ता हुआ दिखा रहे थे। हालांकि यहां उनका यह दावा गलत हो गया कि तृणमूल कांग्रेस की सीटें कम होंगी। तृणमूल ने कांग्रेस सहित लेफ्ट और भाजपा पर रुझानों में ही बढ़त बना ली थी और उसे आखिर तक बरकरार रखा। बता दें कि 2011 के विधानसभा चुनाव में ममता की पार्टी को 184 सीटेंं हासिल हुई थी लेकिन इस बार उनकी पार्टी ने 211 सीटेंं हासिल की हैं। एग्जिट पोल के नतीजे तमिलनाडु में जयललिता की नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक हारा हुआ बता रहे थे लेकिन अम्मा हारी नहीं और उन्होंने 27 साल बाद राज्य में इतिहास रच दिया। तमिलनाडु में 27 साल बाद ऐसा हुआ है कि किसी दल ने सत्ता में लगातार वापसी की हो।
एग्जिट पोल के नतीजे केरल में वाम मोर्चा (एलडीएफ) को कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ से बढ़त मिली हुई बता रहे थे जो सच साबित हुए और यहां एलडीएफ 83 सीट हासिल कर बहुमत के पार चली गई। एग्जिट पोल्स के सबसे सटीक नतीजे असम के बार में सही साबित हुए और यहां जीत के साथ ही भाजपा शासित राज्यों की संख्या 9 हो गई है। बता दें कि असम में भाजपा को इंडिया टुडे ने 79 से 93, एबीपी न्यूज ने 81, सी वोटर ने 57, चाणक्य ने 90, एबीपी ने 81 और इंडिया टीवी ने 53 से 61 सीटेंं दी थी। सर्वे में कांग्रेस को असम में 26 से 41 सीटेंं मिलती दिख रही थी जो सही साबित हुई और पार्टी यहां 24 सीटोंं पर सिमट गई। गौरतलब है कि असम में भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंकी थी। वहीं असम में मौलाना बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ को सभी सर्वे में 6 से 18 सीटेंं दे रहे थे और पार्टी ने 12 सीटें हासिल की। पार्टी प्रमुख अजमल ने अपनी हार का ठीकरा कांग्रेस के सिर फोड़ा है।
बात पश्चिम बंगाल की करें तो यहां एबीपी ने ममता की तृणमूल कांग्रेस को 163, सी वोटर ने 167, इंडिया टीवी ने 243 और चाणक्य ने 173 सीटें दी थी और पार्टी ने कभी पोल्स के नतीजे को धता बताते हुए चुनाव में 219 सीटें हासिल की। पोल्स ने वाम मोर्चा को 45 से 126 सीटें मिलने की संभावना जताई थी जो सही साबित हुए और कांग्रेस सहित लेफ्ट को 68 सीटों पर संतोष करना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल में कहा गया था कि भाजपा को यहां एक से तीन सीटें तक मिल सकती हैं। यहां भी पोल्स ने खुद को साबित किया और भाजपा को तीन सीटें मिली। इस तरह तमाम एग्जिट पोल बता रहे थे कि ममता सरकार बच जाएगी लेकिन सीटों की संख्या घटनी तय है लेकिन एग्जिट पोल्स से उलट जनता के जनादेश ने ममता को 211 सीटों तक पहुंचा दिया।
तमिलनाडु के मामले में टाइम्स नाउ-सी वोटर को छोड़कर सभी एग्जिट पोल के नतीजों में जयललिता के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक हारा हुआ दिखाया जा रहा था लेकिन अम्मा ने 27 साल बाद इतिहास रचते हुए धमाकेदार वापसी की और 125 सीटें हासिल की। पोल्स के मुताबकि यहां द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन आसानी से बहुमत हासिल करता दिख रहा था लेकिन इस गठबंधन को 105 सीटें ही हासिल हुईं। इंडिया टुडे-माइ एक्सिस-इंडिया के एग्जिट पोल में द्रमुक गठबंधन को 132 सीटें दी गई थी वहीं अन्नाद्रमुक को 95 सीटें दी गई थी। राज्य में भाजपा के बार में पोल्स 3 सीट की बात कर रहे थे लेकिन शुरूआती रुझानों के बाद खबर लिखे जाने तक पार्टी का राज्य में खाता भी नहीं खुल पाया था। न्यूज नेशन ने द्रमुक गठबंधन को 116 और अन्नाद्रमुक को 97 सीटें दी थी और टाइम्स-नाउ सी वोटर ने अन्नाद्रमुक को 139 और द्रमुक गठबंधन को 78 सीटें थी। लेकिन जनता ने पोल्स को धता बताते हुए अम्मा के सिर फिर से सीएम पद का ताज सजा दिया।
केरल में माकपा की अगुवाई वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट के जीत दिखाई जा रही थी जो सच साबित हुई और यहां एलडीएफ को 85 सीटें हासिल हुईं। पोल्स यहां कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट पिछड़ता हुआ दिखा रहे थे और कांग्रेस को यहां 47 सीटें मिलीं। बता दें कि इंडिया टीवी के एग्जिट पोल में एलडीएफ को 94 सीटें मिल रही थी,जबकि यूडीएफ को 43 वहीं भाजपा और अन्य को 3 सीटों पर जीतते हुए दिखाया गया था। लेकिन भाजपा को यहां सिर्फ 1 सीट से संतोष करना पड़ रहा है। इंडिया टुडे-एक्सिस के पोल में भी एलडीएफ को 94 तो यूडीएफ को 43 सीटें मिल दी गई और भाजपा को 2 सीटें मिलने की संभावना जताई गई थी। सी वोटर के पोल में एलडीएफ को 78 और यूडीएफ को 58 सीटें दी थी और भाजपा के हिस्से कुल 2 सीट ही आ रही थी। पुडुचेरी में पोल्स कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन जीता हुआ बता रहे थे और इंडिया टीवी -सी वोटर के पोल में द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन को 10 से 18 सीटें मिलने की संभवना जताी गई थी लेकिन यहां द्रमुक सहित कांग्रेस को 14,जयललिता की एडीएमके को 3, अन्य को 1 और एएनआईआरसी को 9 सीटें हासिल होते हुई दिख रही हैं।
( सीटों के आंकड़े टीवी रिपोर्ट्स और रुझानों के आधार पर हैं। यह आंकड़े अनंतिम नहीं है।)