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तीन तलाक पर कांग्रेस में पड़ी फूट, पार्टी लाइन से हट पूर्व सांसद आंदोलन को तैयार

Sun, 16 Oct 2016 11:02 PM IST
शादाब रिजवी/अमर उजाला, नई दिल्ली
शादाब रिजवी/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 16 Oct 2016 11:02 PM IST
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Difference on triple talaq in Congress
सांकेतिक चित्र - फोटो : Getty images

समान नागिरक संहिता और ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर कांग्रेस में  अब दो राय दिखने लगी है। पार्टी  जहां साफ कर चुकी है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है , उसके आदेश का इंतजार करना होगा, वहीं रविवार को ही कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व राज्यसभा सदस्य औबेदुल्ला आजमी ने पार्टी लाइन से अलग हटकर इस मुद्दे पर केंद्र  सरकार की सजिश  के खिलाफ आंदोलन छेड़ने का एलान कर दिया। 

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रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी गुलाब नबी आजाद, यूपी चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष संजय सिंह राष्ट्रीय कार्यालय पर मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने गुजरात, बिहार और यूपी से 18 साल तक राज्यसभा रह चुकेऔबेदुल्ला आजमी को कांग्रेस  में शामिल करने का एलान किया। इस दौरान समान नागरिक संहिता और तीन तलाक के मुद्दे पर कांग्रेस और आजमी का राय जुदा नजर आई। 
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इस बाबत पूछे गए सवाल पर गुलाम नबी आजाद ने पार्टी का रुख एक बार फिर साफ किया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए उसके निर्णय का इंतजार किया जाएगा। पार्टी  कुछ नहीं बोलेगी। जबकि पत्रकार वार्ता  में  ही  आजमी ने भी साफ कहा कि 1984 में शाहबानो केस में भी इस मुद्दे को लेकर हमने विरोध में  आंदोलन चलाया था और अब भी वह केंद्र सरकार की चालाकी के खिलाफ आंदोलन चलाएंगे। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि वह मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य भी है, इसलिए वह उस हैसियत से अलग आंदोलन करने को स्वतंत्र हैं।

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अखिलेश अच्चे, विवाद परिवार का

Difference on triple talaq in Congress

यूपी में यादव परिवार के बीच मची कलह केसवाल पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह पिता पुत्र और परिवार का मामला है। उनको कैसे इसे निपटाना है यह वह जाने, इसमें पार्टी को नहीं पड़ना। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर मुझे यादव परिवार का सलाहकार बनाया जाता है तब में जरूर सटीक राय दे सकता हूं। मुलायम सिंह सार विवाद भाजपा के दबाव में तो खड़ा नहीं कर रहे हैं,सवाल  केजवाब पर आजाद ने साफ कहा कि इस बारे में कांग्रेस को कुछ नहीं कहना। 

ये यादव परिवार को ही पता हो सकता है। वैसे आजाद ने ये जरूर जोड़ा कि भाजपा का अगर दबाव है भी तब अखिलेश पर नहीं हो सकता है। मेरी निजी राय में  आखिलेश साफ सुधरे हैं। अच्छे हैं। आजाद बोले कि भाजपा इतना जरूर कर रही है कि चुनाव में जनता से किए वादे पूरे करने में असफल होने के कारण लोगों  को विवादित मुद्दे उछाकर उलझा रही हैं। जनता, मीडिया और सेक्यूलर राजनीतिक दलों ऐसे मुद्दों पर बहस कर भाजपा केकाम को आसान कर रहे हैं। सभी को समझना होगा, भाजपा केजाल से बचना होगा। 

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