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पीएम मोदी के बयान के बाद एनआरसी पर कदम पीछे खींच सकती है केंद्र सरकार

Mon, 23 Dec 2019 07:43 PM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Mon, 23 Dec 2019 07:43 PM IST
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Did Narendra Modi Government backtrack on NRC

एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून पर देशभर में हो रहे हिंसक प्रदर्शन के बाद सरकार अब बैकफुट पर आ सकती है। एनआरसी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी से  इस बात के संकेत मिल रहे हैं। एनआरसी पर सरकार के  खिलाफ हो रहे व्यापक प्रदर्शन के मद्देनजर केंद्र सरकार कदम पीछे खींच सकती है और सरकार फिलहाल इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल सकती है। 

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मोदी ने रविवार को दिल्ली में एक रैली में कहा था कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और संशोधित नागरिकता कानून अलग- अलग मामले हैं। उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने एनआरसी पर चर्चा नहीं की है। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जोर देकर कहा है कि एनआरसी पूरे देश में लागू किया जाएगा।
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लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान शाह ने नौ दिसम्बर को कहा था कि घुसपैठियों की पहचान करने और उन्हें बाहर निकालने के लिए मोदी सरकार निश्चित तौर पर पूरे देश में एनआरसी लागू करेगी।
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देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे प्रदर्शनों के बीच नड्डा ने पिछले हफ्ते कहा कि पूरे देश में संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के साथ ही एनआरसी को भी लागू किया जाएगा। झारखंड में चुनाव प्रचार के दौरान चुनावी रैलियों में शाह ने कहा था कि 2024 में लोकसभा चुनावों से पहले एनआरसी लागू किया जाएगा।

पार्टी के कुछ नेताओं ने स्वीकार किया कि सीएए के खिलाफ हो रहे व्यापक प्रदर्शन से वे चकित हैं और एनआरसी को लेकर समुदाय के एक हिस्से में, खासतौर पर मुस्लिमों की आशंकाओं ने भावनाएं भड़काई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने एनआरसी और सीएए को अलग-अलग मुद्दा बता कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अभी तक इस तरह की प्रक्रिया के बारे में नहीं सोचा है।


देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रशर्दन के बीच, प्रधानमंत्री का यह बयान आया है। प्रदर्शनों से बुरी तरह प्रभावित राज्यों में उत्तरप्रदेश भी शामिल है जहां 17 लोगों की मौत हो गई। आंदोलनकारियों के साथ झड़पों में काफी संख्या में पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

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