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धर्मस्थल मामला: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने जांच पर उठाए सवाल; कहा- SIT पर किसका दबाव, सीएम जवाब दें
Mon, 18 Aug 2025 06:00 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Mon, 18 Aug 2025 06:00 PM IST
सार
कर्नाटक में धर्मस्थल मामले पर भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से पूछा कि SIT जांच किसके दबाव में गठित हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले SIT से इनकार किया था लेकिन अचानक फैसला बदल दिया। विजयेंद्र ने इसे मंदिर और आस्था पर साजिश बताया।
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कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र
- फोटो : ANI
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विस्तार
कर्नाटक के धर्मस्थल मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। राज्य भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने सोमवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से साफ जवाब मांगा कि आखिर किसके दबाव में उन्होंने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। विजयेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दो हफ्ते पहले साफ कहा था कि एसआईटी नहीं बनेगी, लेकिन अगले ही दिन उन्होंने अपना रुख बदल दिया। ऐसे में यह सवाल उठता है कि उन्हें एसआईटी बनाने के लिए किसने मजबूर किया।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक गुमनाम शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उसे कई शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया था। इसके बाद SIT की ओर से शवों का उत्खनन कराया गया। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि मुखौटा पहनकर बयान देने वाले इस शिकायतकर्ता ने खुद कहा था कि उस पर दबाव डाला गया, जिससे पूरी जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने इसे धर्मस्थल मंदिर और उसकी आस्था पर “साजिश” करार दिया।
सरकार की भूमिका पर सवाल
विजयेंद्र ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के हालिया बयान का जिक्र भी किया। शिवकुमार ने कहा था कि इस पूरे मामले के पीछे “बड़ी साजिश” है। भाजपा अध्यक्ष ने मांग की कि शिवकुमार स्पष्ट करें कि इस साजिश में कौन लोग शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी की जांच जिस तरह चलाई गई और जिस तरह इस मामले को राज्य, देश और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में प्रचारित किया गया, उससे करोड़ों भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं।
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ये भी पढ़ें- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी: आठ साल में चार विमान हुए हादसे का शिकार, सरकार सख्त; बदले जाएंगे नियम
भाजपा का हमला और विपक्ष में रणनीति
विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा विधायक इस मुद्दे पर विधानसभा में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और गृहमंत्री जी. परमेश्वर से जवाब मांगेंगे। उनका आरोप है कि धर्मस्थल मंदिर के विरोधी संगठन इस विवाद के पीछे हैं और वे भाजपा राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष और आरएसएस नेताओं को भी निशाना बना रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि शिकायतकर्ता और उसके पीछे खड़े लोगों की जांच की जाए।
ये भी पढ़ें- ओडिशा में फिर दरिंदगी, संबलपुर में 14 साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म; दो नाबालिग समेत तीन गिरफ्तार
भक्तों के विरोध की चेतावनी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि धर्मस्थल मंदिर की पवित्रता की रक्षा करना सभी भक्तों का कर्तव्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मामले को हल्के में लेती है तो भक्त सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे। विजयेंद्र ने कहा कि इस मामले को पार्टी हाईकमान और केंद्रीय गृहमंत्री तक ले जाया जा सकता है, लेकिन उससे पहले राज्य सरकार को जनता के सामने सच्चाई स्पष्ट करनी होगी।
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यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक गुमनाम शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उसे कई शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया था। इसके बाद SIT की ओर से शवों का उत्खनन कराया गया। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि मुखौटा पहनकर बयान देने वाले इस शिकायतकर्ता ने खुद कहा था कि उस पर दबाव डाला गया, जिससे पूरी जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने इसे धर्मस्थल मंदिर और उसकी आस्था पर “साजिश” करार दिया।
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सरकार की भूमिका पर सवाल
विजयेंद्र ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के हालिया बयान का जिक्र भी किया। शिवकुमार ने कहा था कि इस पूरे मामले के पीछे “बड़ी साजिश” है। भाजपा अध्यक्ष ने मांग की कि शिवकुमार स्पष्ट करें कि इस साजिश में कौन लोग शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी की जांच जिस तरह चलाई गई और जिस तरह इस मामले को राज्य, देश और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में प्रचारित किया गया, उससे करोड़ों भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं।
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भाजपा का हमला और विपक्ष में रणनीति
विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा विधायक इस मुद्दे पर विधानसभा में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और गृहमंत्री जी. परमेश्वर से जवाब मांगेंगे। उनका आरोप है कि धर्मस्थल मंदिर के विरोधी संगठन इस विवाद के पीछे हैं और वे भाजपा राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष और आरएसएस नेताओं को भी निशाना बना रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि शिकायतकर्ता और उसके पीछे खड़े लोगों की जांच की जाए।
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भक्तों के विरोध की चेतावनी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि धर्मस्थल मंदिर की पवित्रता की रक्षा करना सभी भक्तों का कर्तव्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मामले को हल्के में लेती है तो भक्त सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे। विजयेंद्र ने कहा कि इस मामले को पार्टी हाईकमान और केंद्रीय गृहमंत्री तक ले जाया जा सकता है, लेकिन उससे पहले राज्य सरकार को जनता के सामने सच्चाई स्पष्ट करनी होगी।