SpiceJet: स्पाइसजेट के पायलट-इन-कमांड का लाइसेंस 6 महीने के लिए निलंबित, एक मई को हुआ था हादसा
एक मई को मुंबई से दुर्गापुर जा रहे बोइंग बी737 विमान को उतरते समय गंभीर वायुमंडलीय विक्षोभ का सामना करना पड़ा था जिसके परिणामस्वरूप कुछ यात्रियों को चोटें आई थीं।
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स्पाइसजेट एयरलाइन की मुंबई-दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) विमान में एक मई को 13 यात्रियों को आई चोट के मामले में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कार्रवाई की है। डीजीसीए ने इस मामले में सह-पायलट के इनपुट को नजरअंदाज करने के दोषी पाए गए पायलट-इन-कमांड (PIC) के लाइसेंस को 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया है। बता दें कि एक मई को मुंबई से दुर्गापुर जा रहे बोइंग बी737 विमान को उतरते समय गंभीर वायुमंडलीय विक्षोभ का सामना करना पड़ा था जिसके परिणामस्वरूप कुछ यात्रियों को चोटें आई थीं। बता दें कि डीजीसीए इससे पहले विमान रखरखाव इंजीनियर और स्पाइसजेट के रखरखाव नियंत्रण केंद्र के प्रभारी को भी हटा दिया था।
हवाईअड्डे पर उतरते समय हुआ था हादसा
एक मई को स्पाइसजेट के विमान बोईंग बी737 ने मुंबई से पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित काजी नजरुल इस्लाम एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी थी। जब यह विमान लैंड करने वाला था तभी गंभीर वायुमंडलीय विक्षोभ में फंस गया। इस दौरान विमान को लगे झटके से केबिन में रखे सामान यात्रियों के ऊपर आ गिरे, जिससे यात्रियों को सिर में चोटें आईं। लैंडिंग के बाद घायल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बता दें कि तीन केबिन क्रू सदस्य भी इसमें घायल हुए थे।
स्पाइसजेट एयरलाइन ने जताया था खेद
इस पूरे मामले में विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने खेज जताया था। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने कहा था कि एक मई को स्पाइसजेट का बोइंग बी737 विमान मुंबई से दुर्गापुर की उड़ान एसजी-945 संचालित करने के दौरान हवाईअड्डे पर उतर रहा था, तभी उसे समय गंभीर वायुमंडलीय विक्षोभ का सामना करना पड़ा, जिसके चलते दुर्भाग्यवश कुछ यात्रियों को चोटें आईं। हम घायलों को हरंसभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
चार्टर्ड प्लेन के पायलट को भी एक महीने के लिए किया गया निलंबित
इसके अलावे डीजीसीए ने एक महीने केलिए एक चार्टर्ड प्लेन के पायलट को भी निलंबित कर दिया है। चार्टर्ड प्लेन के पायलट के खिलाफ यह कार्रवाई फर्जी फ्यूल इमरजेंसी केस में की गई है। 19 अक्टूबर 2021 को बोकारो से रांची की एक फ्लाइट के दौरान विमान के पायलट ने फर्जी तरीके से लो फ्यूल इमरजेंसी की बात महज इसलिए कह दी क्योंकि वह लैंडिंग से पहले चक्कर लगाने से बचना चाहता था। वह चाहता था कि उसे लैंडिंग के दौरान प्राथमिकता मिले। बाद में जांच में पता चला कि विमान में पर्याप्त मात्रा में ईंधन मौजूद था।