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DGCA: अब उड़ान प्रशिक्षण संस्थाओं को मिलेगी रैंकिंग; अहमदाबाद विमान हादसे के बाद डीजीसीए ने शुरू की नई प्रणाली

Wed, 09 Jul 2025 03:35 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Wed, 09 Jul 2025 03:35 PM IST
सार

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विभिन्न पायलट ट्रेनिंग संस्थाओं के लिए  रैंकिग प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया है। डीजीसीए ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पायलट प्रशिक्षण गतिविधियों की गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार लाना है। 
 

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DGCA introduces ranking system for flying training organisations
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : FreePik

विस्तार

गुजरात के अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसे के बाद उड्डयन मंत्रालय और विमानन नियामक डीजीसीए बेहद सतर्क है। इसी क्रम में डीजीसीए ने उड़ान प्रशिक्षण देने वाली संस्थाओं के लिए रैंकिंग प्रणाली शुरू की है। डीजीसीए के इस कदम का उद्देश्य पायलट प्रशिक्षण गतिविधियों की गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार है। 

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गुजरात के अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसे के बाद उड्डयन मंत्रालय और विमानन नियामक डीजीसीए बेहद सतर्क है। इसी क्रम में डीजीसीए ने उड़ान प्रशिक्षण देने वाली संस्थाओं के लिए रैंकिंग प्रणाली शुरू की है। डीजीसीए के इस कदम का उद्देश्य पायलट प्रशिक्षण गतिविधियों की गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार है। 
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साल में दो बार जारी होगी रैंकिंग
डीजीसीए ने इसे लेकर आठ जुलाई को एक पत्र भी जारी किया। इसमें विमानन नियामक प्राधिकरण ने बताया कि देश भर में रैंकिंग प्रणाली 1 अक्टूबर, 2025 से लागू की जाएगी। इसके अलावा, विभिन्न प्रशिक्षण संस्थाओं की रैंकिंग हर साल एक अक्तूबर और एक अप्रैल को जारी की जाएगी। डीजीसीए ने इसमें यह भी कहा है कि एफटीओ को विभिन्न मानदंडों के आधार पर रैंकिंग दी जाएगी। इसके अलावा, यदि किसी एफटीओ का पूरा स्कोर 50 प्रतिशत से कम रहता है तो संबंधित इकाई को उनके प्रदर्शन में सुधार के लिए स्व-विश्लेषण के लिए नोटिस दिया जाएगा।
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डीजीसीए ने बताया क्या है  रैंकिग प्रणाली लाने का उद्देश्य
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने रैंकिग प्रणाली के बारे में बताते हुए कहा कि यह पहल भारत में पायलट प्रशिक्षण की गुणवत्ता, सुरक्षा और दक्षता में सुधार लाने और पारदर्शी प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की उसकी निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है। डीजीसीए ने यह भी कहा कि रैंकिंग से प्रशिक्षण की गुणवत्ता और मानकीकरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। 

प्रशिक्षण संस्थान का चयन करने में मिलेगी मदद
डीजीसीए ने कहा, इच्छुक पायलट और उनके परिवारों को आमतौर पर विश्वसनीय प्रशिक्षण संगठन की पहचान करने में काफी परेशानी होती है। रैंकिंग प्रणाली एक विश्वसनीय मार्गदर्शक के रूप में काम करेगी। रैंकिंग से गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रशिक्षण परिणामों के आधार पर संस्थानों का चयन करने में मदद मिलेगी।


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विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर संसदीय समिति ने की बैठक
वहीं, विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर जेडी(यू) सांसद संजय कुमार झा की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने बुधवार यानी आज एक बैठक की। इसमें संसदीय समिति के सदस्यों ने आधिकारिक एजेंसियों और निजी एयरलाइनों द्वारा अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाए। सूत्रों ने बताया कि बैठक में कुछ सदस्यों ने विमानन नियामक डीजीसीए में बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। इसके अलावा, कुछ ने एजेंसी द्वारा समिति की पूर्व में की कई सिफारिशों को लागू नहीं करने की बात कही।

एयर इंडिया के सीईओ और एमडी कैम्पबेल विल्सन ने भी इस बैठक में अन्य एयरलाइन्स के प्रतिनिधियों के साथ हिस्सा लिया। 

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