विमानन कंपनियों में हो रहे यौन उत्पीड़न पर डीजीसीए खफा, जारी किया आदेश
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नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने देश की सभी विमानन कंपनियों के सीईओ को लिखित आदेश में कहा है कि वह अपने संगठनों में होने वाले यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए विशाखा गाइडलाइन्स को पालन करें।
विमानन नियामक ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ सहयोगियों द्वारा उत्पीड़न के संबंध में पायलट, केबिन क्रू और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं से कई शिकायतें प्राप्त की हैं। डीजीसीए ने आगे कहा कि सभी एयरलाइनों को विशाखा गाइडलाइन्स का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती है। उन्हें इस समिति के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए ताकि कर्मचारी को परेशानी मुक्त हो और मामले के निपटान की सुविधा मिल सके।
Directorate General of Civil Aviation sends directive to airlines over issues concerning sexual harassment of women employees&advises them to ensure compliance of 'Vishaka Guidelines'. DGCA says,"We've received many complaints from female pilots&cabin crew regarding harassment." pic.twitter.com/aS6zDL3LPE
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 6, 2020
क्या है विशाखा गाइडलाइन्स
कार्यस्थल पर होने वाले यौन-उत्पीड़न के खिलाफ साल 1997 में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ निर्देश जारी किए थे। सुप्रीम कोर्ट के इन निर्देशों को ही 'विशाखा गाइडलाइन्स' के रूप में जाना जाता है। इसे विशाखा और अन्य बनाम राजस्थान सरकार और भारत सरकार मामले के तौर पर भी जाना जाता है।
इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यौन-उत्पीड़न, संविधान में निहित मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 14, 15 और 21) का उल्लंघन हैं। इसके साथ ही इसके कुछ मामले स्वतंत्रता के अधिकार (19)(1)(जी) के उल्लंघन के तहत भी आते हैं।