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इशरत एनकाउंटर के बाद नरेंद्र मोदी को गिरफ्तार करना चाहती थी सीबीआई, डीजी वंजारा का खुलासा

Wed, 06 Jun 2018 02:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 06 Jun 2018 02:01 PM IST
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DG Vanzara Counsel claims CBI Wanted To arrest Narendra Modi and Amit Shah In Ishrat Jahan Case
अमित शाह और नरेंद्र मोदी
इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में आरोपी गुजरात के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक डीजी वंजारा ने कहा है कि सीबीआई गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अमित शाह को गिरफ्तार करना चाहती थी। वंजारा ने मंगलवार को एक विशेष अदालत में यह दावा किया। 
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वंजारा के वकील वीडी गज्जर ने सीबीआई अदालत में एक रिहाई याचिका दायर की है। याचिका में दावा किया गया है कि सीबीआई नरेंद्र मोदी और अमित शाह को गिरफ्तार करना चाहती थी। लेकिन संयोगवश ऐसा नहीं हो पाया। नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। 
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बता दें कि अमित शाह जब गुजरात के गृह राज्य मंत्री थे तब इशरत जहां मुठभेड़ मामले में उन पर लगे आरोपों की वजह से अदालत के आदेश पर चार साल तक गुजरात से बाहर निकाल दिए गए थे। सीबीआई ने अमित शाह को साल 2014 में पर्याप्त सबूत के अभाव में आरोप मुक्त घोषित कर दिया था। 
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गौरतलब है कि जून 2004 में मुंबई की रहनेवाली 19 वर्षीय इशरत जहां, उसके दोस्त जावेद उर्फ प्राणेश और पाकिस्तानी मूल के जीशान जौहर और अमजद अली राणा को पूर्व आईजी वंजारा की टीम ने अहमदाबाद के बाहरी इलाके में एक मुठभेड़ में मार दिया था।

गुजरात पुलिस ने इशरत जहां और उसके दोस्तों को आंतकवादी करार देते हुए कहा था कि वे गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने की साजिश रच रहे थे। हालांकि बाद में सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा था कि यह मुठभेड़ फर्जी थी। 

मोदी के बारे में वंजारा ने कोर्ट को पहले क्या बताया था?

DG Vanzara Counsel claims CBI Wanted To arrest Narendra Modi and Amit Shah In Ishrat Jahan Case
इस मामले में जमानत पा चुके वंजारा ने इससे पहले अदालत को बताया था कि नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब वह जांच अधिकारी से गोपनीय रूप से इस मामले के बारे में पूछते थे। वंजारा के वकील ने मंगलवार को दावा किया कि वंजारा के खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सुबूत नहीं हैं। सीबीआई ने वंजारा की रिहाई की अपील का विरोध किया है। 

एक अन्य सह आरोपी और पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एनके अमीन ने भी इसी अदालत में रिहाई याचिका दायर की है। इस याचिका पर पिछले महीने सुनवाई पूरी हो चुकी है। उस सुनवाई में पूर्व पुलिस अधीक्षक और अब वकालत कर रहे अमीन ने दावा किया था कि जांच में सीबीआई का सहयोग कर रहे गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी सतीश वर्मा ने सबूतों से छेड़छाड़ की थी, जिससे यह पता ना लगे कि उन्होंने अपनी बंदूक से गोली चलाई थी।

दोनों पूर्व अधिकारियों ने अदालत द्वारा दोषमुक्त साबित हो चुके एक अन्य सह आरोपी पूर्व प्रभारी पुलिस महानिदेशक पीपी पांडे के साथ समानता की मांग की थी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 15 जून को करने का आदेश दिया है। 
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