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मोदी की नसीहत बेअसर, दिग्गज नेताओं ने फिर मांगा परिवार के लिए टिकट

Sun, 15 Jan 2017 08:59 AM IST
संजय मिश्र/ नई दिल्ली 
संजय मिश्र/ नई दिल्ली  Updated Sun, 15 Jan 2017 08:59 AM IST
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 Despite Modi’s advice, BJP leaders started lobby for election tickets
बीजेपी

पीएम मोदी के जरिए नेता पुत्रों को टिकट की मनाही के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उपजी खुशी अब गम में बदलने लगी है। पीएम मोदी की नसीहत को चंद दिनों में ही बेअसर होता देख पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी उभरने लगी है।

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यूपी से लेकर उत्तराखंड तक दर्जनों नेता पुत्र भाजपा से उम्मीदवारी को इच्छुक हैं, जिसमें से कुछ का टिकट तय माना जा रहा है। रविवार को होने वाली पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में कुछ नेता पुत्री और पुत्रों के नाम पर मुहर लग सकती है। 
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सूत्र बताते हैं कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह को गाजियाबाद की साहिबाबाद विधानसबा सीट, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी की पूत्री रितू खंडूरी को सूबे की यमकेश्वर विधानसभा, सांसद हुकूम सिंह की पुत्री मर्दांगना सिंह को कैराना, यूपी के पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह के पुत्र अनुराग सिंह को चुनार, प्रेमलता कटियार की पुत्री निलिमा कटियार को कानपुर के कल्याण पुर, लालजी टंडन के पुत्र गोपाल टंडन को लखनऊ मध्य अथवा उत्तर और सांसद बृजभूषण सिंह के पुत्र प्रतीक सिंह को गोंडा से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। 
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पीएम मोदी की नसीहत के बावजूद दोनो के नाम को आगे बढ़ा दिया गया

 Despite Modi’s advice, BJP leaders started lobby for election tickets
भाजपा - फोटो : amar ujala

पीएम मोदी की नसीहत के बावजूद दोनों ही प्रदेशों की चुनाव समिति ने रविवार को होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के लिए इन नेता पुत्रों और पुत्रियों के नाम को आगे बढ़ा दिया है। बताया जा रहा है कि राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह और खंडूरी की पुत्री रितू सिंह का नाम तय माना जा रहा है, जबकि हुकूम सिंह की पुत्री का नाम कैराना से चर्चा के लिए रखा गया है। 

पीएम की नसीहत के बावजूद पार्टी की ओर से नेता पुत्रों के नाम को केंद्रीय चुनाव समिति में भेजे जाने का बचाव करते हुए इन नेताओं की संगठन क्षमता और जीत के संभावना की दलील दी जा रही है। पार्टी के एक नेता का कहना है कि पंकज सिंह गृह मंत्री के पुत्र होने के अलावा यूपी भाजपा के महासचिव हैं। उन्हें पिछले चुनाव में भी टिकट से हाथ धोना पड़ा था। उस वक्त पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने उनकी राह में रोड़ा अटकाया था। 

बीसी खंडूरी की अंतिम पारी होने के वजह से उनकी पुत्री को उम्मीदवार बनाने की दलील दी जा रही है, जबकि रितू के पास कोई विशेष संगठनात्मक अनुभव भी नहीं है। वर्तमान में भाजपा की विजया बड़थवाल इस सीट से विधायक हैं।
 

कार्यकर्ताओं में गुस्से की संभावना

 Despite Modi’s advice, BJP leaders started lobby for election tickets

रितू की उम्मीदवारी की चर्चा बाहर आते ही उत्तराखंड के कार्यकर्ताओं में रोष बढ़ा हुआ दिख रहा है। उनकी संभावित सीट यमकेस्वर के अंतर्गत आने वाले भाजपा के तीनों मंडलों के अध्यक्ष सूरजपाल सिंह नेगी-द्वारीखाल, विक्रम सिंह रौथाना-यमकेश्वर और चंडी प्रसाद-दुगड्डा अपने दल बल के साथ भाजपा मुख्यालय में डेरा डाल चूके हैं। रविवार को अंतिम निर्णय होने के बाद बूथ प्रमुख स्तर के कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे की धमकी प्रदेश प्रभारी को दे दी है। 

राजनाथ के पुत्र पंकज सिंह का नाम साहिबाबाद में बड़ा होने की वजह से कार्यकर्ताओं का मुखर विरोध सामने नहीं आया है। परंतु लंबे समय से टिकट मिलने और चुनाव लड़ने की उम्मीद पाल रहे स्थानीय नेता ठगा महसूस कर रहे हैं।

ऐसा ही आलम अन्य सीटों पर भी नजर आ रहा है। पार्टी नेतृत्व को भी सूची जारी होने के बाद कार्यकर्ताओं के गुस्से का शिकार होने की संभावना सता रही है। इसे देखते हुए इस बात की आशंका ज्यादा है कि रविवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बावजूद पार्टी अपने उम्मीदवारों की सूची सोमवार को जारी करे। अभी से ही कुछ कार्यकर्ता दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। नेता भी कार्यकर्ताओं से कन्नी काट रहे हैं।

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