दलित उप-सरपंच करती रही सुरक्षा का इंतजार, ऊंची जाति के लोगों ने पति की कर दी हत्या
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गुजरात के बोटड जिले के रानपुर तालुका के जलीला गांव के उप-सरपंच के पति मंजी सोलंकी की कथित तौर पर ऊंची जाति (क्षत्रिय समुदाय) के लोगों ने बुधवार को हत्या कर दी। उनका पुलिस सुरक्षा के लिए दिया आवेदन लगभग दो हफ्तों से लंबित पड़ा था। मंजी के बेटे तुषार सोलंकी ने कहा, 'वह अपनी मोटरसाइकिल पर जा रहे थे तभी कार सवारों ने उन्हें डंडों और लोहो की रॉड से पिटना शुरू कर दिया।' अहमदाबाद के अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
बोटड भाग के पुलिस उप अधीक्षक आरएन नकुम ने कहा कि पीड़ित के परिवार ने जो घटनाक्रम बताया है वह सच लगता है। नकुम ने कहा, 'हमने एक टीम अहमदाबाद जिले में जानकारी इकट्ठा करने के लिए भेजी है और इसके बाद मामला दर्ज किया जाएगा। लेकिन अपराध का दृश्य बताता है कि पीड़ित परिवार जो कह रहा है वह प्रथम दृष्टया सही है।' मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
Gujarat: Husband of a sarpanch was beaten to death in Botad, yesterday, family alleges he was killed because he was a dalit. Police say,"Victim was attacked by some unknown people, he was taken to Ahmedabad Civil Hospital for treatment, where he was declared dead. Three arrested" pic.twitter.com/Xea0bGnJmp
— ANI (@ANI) June 20, 2019
बोटड के पुलिस अधीक्षक हर्षद मेहता ने कहा कि मंजी छह जून को कार्यालय आया था। उन्होंने कहा, 'उसने हमसे संपर्क किया और अनुरोध किया कि उसे कुछ निजी सुरक्षा अधिकारी दिए जाएं। नियत प्रक्रिया के रूप में, संबंधित पुलिस स्टेशन खतरे का आंकलन कर रहा था।' उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के परिवार के पास बुधवार तक कोई पुलिस सुरक्षा नहीं थी।
सौराष्ट्र में एक महीने से भी कम समय में यह तीसरी घटना है। जहां अनुसूचित जाति की कथित तौर पर क्षत्रिय द्वारा हत्या की गई है। पीड़ित के परिवार का कहना है कि मंजी की लगातार पुलिस सुरक्षा पाने के अनुरोध को सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। मंजी के बेटे तुषार ने कहा कि बुधवार को हुए हमले से पहले उसे चार बार लक्षित किया गया था।
आखिरी हमला तीन मार्च 2018 को हुआ था जब उनपर चाकू से वार किए गए थे। जिसके बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा मिली थी। लेकिन दो महीने बाद 17 मई 2018 को उसे हटा लिया गया। तुषार ने कहा कि उसके पिता ने पांच-छह लोगों के नाम बताए हैं जिन्होंने उनपर हमला किया। पीड़ित परिवार के पास एक वीडियो क्लिप है जो उस समय रिकॉर्ड की गई है जब मंजी को अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसमें मंजी कुछ लोगों का नाम लेते हुए दिख रहे हैं।
वीडियो में मंजी कहते हैं, 'मैं चरंकी से वापस घर आ रहा था। वह मेरे सामने अपना चार पहिया वाहन लाए और मुझपर डंडो और पाइप से हमला कर दिया और गाली-गलौच करने लगे। उन्होंने कहा कि तुम फोन से घटना की जानकारी किसी को न दे सको इसलिए तुम्हारे फोन को तोड़ा जाएगा। इसके बाद उन्होंने मेरा फोन तोड़ दिया।'