{"_id":"62ffe27d149cd97cab703c79","slug":"deputy-nsa-vikram-misri-attends-sco-meet-in-tashkent","type":"story","status":"publish","title_hn":"SCO Meeting: ताशकंद में एससीओ बैठक में शामिल हुए डिप्टी एनएसए विक्रम मिसरी, आतंकवाद पर बोला हमला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
SCO Meeting: ताशकंद में एससीओ बैठक में शामिल हुए डिप्टी एनएसए विक्रम मिसरी, आतंकवाद पर बोला हमला
Sat, 20 Aug 2022 12:50 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 20 Aug 2022 12:50 AM IST
सार
SCO NSA Meeting: भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिसरी (Vikram Misri) ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और सूचना सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ उन्होंने अफगानिस्तान के लोगों को भारत की तरफ से दी जा रही मानवीय सहायता पर भी जोर दिया।
विज्ञापन
विक्रम मिसरी (फाइल फोटो)
- फोटो : twitter.com/VikramMisri
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
SCO NSA Meeting: भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिसरी (Vikram Misri) ने उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) के ताशकंद में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों (NSA) के एक सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद (Terrorism) से मुकाबला, आतंकवाद के वित्तपोषण, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने के लिए एकजुट प्रयासों का आह्वान किया।
विज्ञापन
साथ ही उन्होंने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और सूचना सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ उन्होंने अफगानिस्तान के लोगों को भारत की तरफ से दी जा रही मानवीय सहायता पर भी जोर दिया।
विज्ञापन
भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिसरी ने उज्बेकिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री व्लादिमीर नोरोव से भी मुलाकात की और सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। व्लादिमीर नोरोव ने मिश्री के साथ वार्ता को बहुत उपयोगी बताया।
विज्ञापन
उज्बेकिस्तान में भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया कि उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिसरी ने ताशकंद में एससीओ एनएसए (NSA) की बैठक में भाग लिया। यहां उन्होंने आतंकवाद, आतंकवाद के वित्तपोषण, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने और सूचना सुरक्षा को मजबूत करने का आह्वान किया।
नोरोव ने ट्वीट किया कि हमने उज्बेक-भारतीय एजेंडे पर मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला पर चर्चा की, साथ ही बहुपक्षीय संरचनाओं के ढांचे को लेकर भी काफी चर्चा हुई। वहीं पिछले महीने विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ताशकंद में एससीओ देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक में भाग लिया था।
एससीओ उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के प्रतिकार के रूप में देखा जाता है, एक प्रमुख आर्थिक और सुरक्षा खंड है और सबसे बड़े अंतर-क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठनों में से एक के रूप में उभरा है। 2017 में भारत और पाकिस्तान इसके स्थायी सदस्य बने।
एससीओ की स्थापना 2001 में शंघाई में रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान के राष्ट्रपतियों द्वारा एक शिखर सम्मेलन में की गई थी।
भारत ने एससीओ और इसके क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी ढांचे (आरएटीएस) के साथ अपने सुरक्षा संबंधी सहयोग को गहरा करने में बड़ी दिलचस्पी दिखाई है, जो विशेष रूप से सुरक्षा और रक्षा से संबंधित मुद्दों से संबंधित है।