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ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए विशेष जांच दल गठन की मांग 

Wed, 30 Jan 2019 09:48 PM IST
Nilesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Nilesh Kumar Updated Wed, 30 Jan 2019 09:48 PM IST
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Demand for setting up special investigation team for e-commerce companies
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छोटे कारोबारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सरकार को ई-कामर्स के क्षेत्र में संशोधित एफडीआई नीति को लागू करने की तारीख आगे नहीं बढ़ाने को कहा है। संगठन का कहना है कि यदि किसी के दवाब में इस नीति को लागू करने की तारीख एक फरवरी से आगे बढ़ाई गई या स्थगित किया गया तो देशभर के व्यापारी इसके खिलाफ खड़े हो जाएंगे। 

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केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु को भेजे एक पत्र में कैट ने कहा है कि सरकार को इसके राजनीतिक परिणाम समझ लेने चाहिए। यदि ऐसा होता है तो देश के करीब सात करोड़ व्यापारियों को इसके खिलाफ एक राष्ट्रीय अभियान छेड़ना पड़ेगा। यह मामला अब छोटे व्यापारियों और बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के बीच का है और यह देखना है कि सरकार किसका पक्ष लेती है।
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उनका कहना है कि सभी छोटे व्यापारी मिल कर करीब 30 करोड़ लोगों को रोजगार देते हैं। इनका सालाना करोबार करीब 42 करोड़ रुपए का है। इस पर कब्जा जमाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों ने ई-कॉमर्स का रास्ता चुना है। 
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कैट के मुताबिक, अब यह बात साफ हो गई है कि ये कंपनियां गत दो वर्षों से नीति का उल्लंघन कर रही थी और उनका सारा व्यापार केवल अस्वस्थ व्यापारिक नीतियों पर टिका था। ऐसे में उनके नीति उल्लंघन को ठीक करने के लिए सरकार उनको वक़्त दे, यह उचित नहीं होगा। उन्होंने ई-कामर्स कंपनियों के कार्यकलापों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल भी गठित करने की मांग की।

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