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देशभर के स्कूलों में एक पाठ्यक्रम की मांग, सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल

Sat, 20 Jun 2020 05:49 AM IST
श्रीधर मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Sat, 20 Jun 2020 05:49 AM IST
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Demand for same syllabus in schools across the country, public interest litigation filed in Supreme Court
फाइल फोटो - फोटो : PTI

देश भर में एक शिक्षा तंत्र और सामान्य पाठ्यक्रम की मांग वाली एक जनहित याचिका शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई। भाजपा नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने इस याचिका में शीर्ष कोर्ट से 6 से 14 साल आयु वर्ग के बच्चों के लिए ‘वन नेशन वन एजुकेशन बोर्ड’ स्थापित करने की मांग की।

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उपाध्याय ने याचिका में आईसीएसई और सीबीएसई के विलय का भी प्रस्ताव दिया। अश्विनी कुमार दुबे की तरफ से दाखिल की गई इस याचिका में कहा गया कि केंद्र और राज्य सरकारों ने अनुच्छेद 21ए के तहत एक पाठ्यक्रम और सामान्य शिक्षा तंत्र बनाने की दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। जब तक एक शिक्षा तंत्र नहीं बनता बच्चे अनुच्छेद 21ए में दिए गए अपने मौलिक अधिकारों का लाभ नहीं उठा पाएंगे। याचिका में जीएसटी काउंसिल की तर्ज पर राष्ट्रीय शिक्षा परिषद के गठन की मांग की गई।
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याचिका में यह भी दावा किया गया कि अभी अलग अलग बोर्ड का अपना अलग पाठ्यक्रम है। लेकिन उच्च शिक्षा स्तर पर अधिकतर प्रवेश परीक्षाएं सीबीएसई के आधार पर होती हैं। ऐसे में सभी छात्रों को बराबर मौके नहीं मिल पाते। इसके अलावा 14 साल तक के बच्चों को संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों और निर्देशक सिद्धांतों को पढ़ाना अनिवार्य करने की भी मांग की गई।

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