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...तो 'रेगिस्तान' में बदल जाएगी सुंदर दिल्ली!
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
Updated Sun, 21 May 2017 03:57 PM IST
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यही हाल रहा तो दिल्ली रेगिस्तान बन जाएगी
- फोटो : Getty
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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हरित इलाक़े और वन भूमि, ग़ैरक़ानूनी निर्माण और अतिक्रमण का इसी रफ़्तार से शिकार होते रहे तो दिल्ली रेगिस्तान में बदल सकती है। कोर्ट ने कहा कि पर्यावरण का मुद्दा चिंता का विषय है और ग्लोबल वॉर्मिंग के बुरे प्रभावों को देखते हुए इससे युद्ध स्तर पर निपटे जाने की ज़रूरत है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दक्षिण दिल्ली के नेब सराय में वन भूमि में कथित अतिक्रमण के ख़िलाफ़ डाली गई एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर की खंडपीठ ने कहा कि दिल्ली शहर रेगिस्तान बनने के ख़तरे की कगार पर है। हरियाली खत्म होने से शहर इस ख़तरे का सामना कर रहा है।
याचिका जंगल से गुज़रने वाली एक सड़क को बंद करने के लिए डाली गई थी। इस सड़क का निर्माण आपातकालीन गाड़ियों को इंदिरा एनक्लेव तक पहुंचने के लिए किया गया था। यह एक अनधिकृत कॉलोनी है। जंगल से गुज़रने वाली इस सड़क को अदालत ने मंज़ूरी नहीं दी थी। यह सड़क शहर के वन्य क्षेत्र में आती है।
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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दक्षिण दिल्ली के नेब सराय में वन भूमि में कथित अतिक्रमण के ख़िलाफ़ डाली गई एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर की खंडपीठ ने कहा कि दिल्ली शहर रेगिस्तान बनने के ख़तरे की कगार पर है। हरियाली खत्म होने से शहर इस ख़तरे का सामना कर रहा है।
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याचिका जंगल से गुज़रने वाली एक सड़क को बंद करने के लिए डाली गई थी। इस सड़क का निर्माण आपातकालीन गाड़ियों को इंदिरा एनक्लेव तक पहुंचने के लिए किया गया था। यह एक अनधिकृत कॉलोनी है। जंगल से गुज़रने वाली इस सड़क को अदालत ने मंज़ूरी नहीं दी थी। यह सड़क शहर के वन्य क्षेत्र में आती है।
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'वन भूमि सड़क में नहीं बदल सकते'
'वन भूमि सड़क में नहीं बदल सकते'
- फोटो : Getty
अदालत ने कहा कि ग़ैरक़ानूनी निर्माण करने के बाद सभी तरह के लाभ नहीं मांगे जा सकते। अदालत ने कहा कि वन भूमि सड़क में नहीं बदली जा सकती, क्योंकि यह मास्टर प्लान के तहत नियोजित विकास से परे है।
वहीं दिल्ली सरकार का पक्ष रख रहे गौतम नारायण ने कहा कि वन के उपसंरक्षक के कार्यालय ने सड़क को बंद करने और अतिक्रमण से बचाने के लिए वनक्षेत्र की सीमा रेखा में एक दीवार के निर्माण का भी आदेश दिया है।
पीठ ने निर्देश दिया है कि संबंधित जगह वनभूमि के तौर पर ही रहेगी। हाईकोर्ट ने कहा है कि सड़क निर्माण से जुड़े किसी भी तरह के अतिक्रमण और निर्माण की इजाज़त नहीं है. कोर्ट ने दीवार का निर्माण दो महीने के भीतर कराने का निर्देश दिया है।
वहीं दिल्ली सरकार का पक्ष रख रहे गौतम नारायण ने कहा कि वन के उपसंरक्षक के कार्यालय ने सड़क को बंद करने और अतिक्रमण से बचाने के लिए वनक्षेत्र की सीमा रेखा में एक दीवार के निर्माण का भी आदेश दिया है।
पीठ ने निर्देश दिया है कि संबंधित जगह वनभूमि के तौर पर ही रहेगी। हाईकोर्ट ने कहा है कि सड़क निर्माण से जुड़े किसी भी तरह के अतिक्रमण और निर्माण की इजाज़त नहीं है. कोर्ट ने दीवार का निर्माण दो महीने के भीतर कराने का निर्देश दिया है।