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दिल्ली हिंसा: साथी की मौत से पुलिस बल के जवानों में आक्रोश, कैसे स्थिति कंट्रोल करेगी सरकार

Tue, 25 Feb 2020 12:40 PM IST
देव कश्यप अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Tue, 25 Feb 2020 12:40 PM IST
सार

  • अरविंद केजरीवाल ने विधायकों को दी नसीहत- अपने इलाकों में रहकर स्थिति संभालने में मदद करें
  • BJP, कांग्रेस, AAP नेताओं ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की

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Delhi Violence Resentment among police force death of Colleague how government control situation
violence and arson in North East Delhi - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया इस समय दिल्ली में हैं और पुलिस के लिए उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। लेकिन इतने अहम मौके पर बिगड़े दिल्ली के हालात ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सोमवार से शुरू हुआ तांडव मंगलवार को भी जारी है। सुबह से ही मौजपुर के कई इलाकों में पत्थरबाजी और आगजनी की कई वारदातों ने पुलिस के होश उड़ा दिए हैं।

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स्थिति संभालने के लिए पुलिस के आला-अधिकारियों ने बैठक की है। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी अपने शीर्ष नेताओं, विधायकों और अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति को संभालने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्णय लिया है। जानकारी के मुताबिक आप नेता ने अपने सभी विधायकों को इस मौके पर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में रहकर स्थिति को संभालने की कोशिश करने का निर्देश दिया है। सभी दलों के नेताओं ने लोगों से शांति कायम रखने की अपील की है।
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आशंका के बाद भी नहीं संभले हालात
नागरिकता कानून के विरोध में रविवार को जिस तरह अचानक कई जगहों पर प्रदर्शन तेज हो गए थे और जाफराबाद-खुरेजी के कई इलाकों में सड़कों को बंद किया गया था, उसे बेवजह नहीं माना जा रहा था। आशंका थी कि प्रदर्शनकारी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मौजूदगी में इस कानून के विरोध को तेजी प्रदान कर सकते हैं, इसके बाद भी पुलिस स्थिति को भांपने में नाकाम रही। उसने सुरक्षा के जरूरी एहतियाती कदम नहीं उठाए जिसकी वजह से दंगा भड़काने वाले लोगों को मौका मिल गया। पुलिस को इस बात की जवाबदेही तय करनी पड़ेगी कि इन जानकारियों के बावजूद वह स्थिति को संभालने में नाकाम क्यों रही। 
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स्वयं गृहराज्य मंत्री ने भी यह स्वीकार किया है कि स्थिति को जानबूझकर बिगाड़ने की कोशिश की गई है। गृह मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वह स्थिति संभालने के लिए अधिकारियों से लगातार फीडबैक ले रही है। 
 
‘कब तक हाथ बांधेगी सरकार’
दिल्ली पुलिस के एक जवान रतनलाल की सोमवार को पत्थरबाजी के दौरान सिर में चोट लगने से मौत हो गई। अपने एक साथी की हत्या के कारण पुलिस बलों में भी काफी आक्रोश है। जवानों की शिकायत है कि उन्हें उनके तरीके से स्थिति को संभालने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। यही कारण है कि दंगाई स्थिति बिगाड़ने में कामयाब हो रहे हैं। प्रदर्शन को संभालने में लगे सुरक्षाबलों के जवानों का मानना है कि इस तरह अनिश्चितकाल तक हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठा जा सकता। इससे स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। 
 
बहुत संवेदनशील है पुलिस
स्थिति को संभालने में जुटी दिल्ली पुलिस बहुत संवेदनशीलता के साथ काम ले रही है। प्रदर्शनकारियों के बार-बार के उकसावे के बाद भी वह किसी तरह के बल प्रयोग से बचने की कोशिश कर रही है। जाफराबाद और मौजपुर में जब नागरिकता कानून के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन कर रहे गुट एक दूसरे पर पत्थरबाजी कर रहे थे तब भी पुलिस दोनों पक्षों को बारी-बारी से संभालने की कोशिश कर रही थी। कई बार प्रदर्शनकारियों ने सीधे पुलिस बल के जवानों पर ही पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद भी सुरक्षाबलों ने स्थिति पर काबू रखने की कोशिश की। हालांकि कई जगहों पर उसे आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, लेकिन पुलिस ने कहीं भी बल प्रयोग का इस्तेमाल नहीं किया।
 
पुलिस के इसी अति सुरक्षात्मक रवैये का परिणाम हुआ कि उसके अधिकारियों को पत्थरबाजी में भारी चोटें आईं। अब तक लगभग 60 पुलिस वालों के जख्मी होने की खबर है। शहादरा के शीर्ष पुलिस अधिकारी अमित शर्मा की हालत इस समय भी चिंताजनक बताई जा रही है। पूर्वी दिल्ली के एक शीर्ष अस्पताल में उनका और उनके चार अन्य साथियों का इलाज चल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने उनका वाहन पलट दिया था और उसे जलाने की कोशिश की थी। आज स्थिति को नियंत्रण में रखना दिल्ली पुलिस की बड़ी चुनौती बनी हुई है।   

 
यूपी बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी
दिल्ली की तरफ आने वाली सभी सड़कों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के साथ जुड़े गाजियाबाद के इलाकों, लोनी और मोहन गार्डेन-शशि गार्डन के बोर्डर पर चेकिंग तेज कर दी गई है। वाहनों की आवाजाही पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर नोएडा से दिल्ली आ रहे वाहनों पर भी निगरानी तेज कर दी गई है।

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