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नीट पेपर लीक: 10 दिनों की CBI रिमांड पर आरोपी मनीषा-कुलकर्णी, कोर्ट से निकलते ही बेहोश होकर गिरीं लेक्चरर

Sat, 16 May 2026 07:57 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली। Published by: राकेश कुमार Updated Sat, 16 May 2026 07:57 PM IST
सार

आरोपी मनीषा वाघमरे और प्रहलाद कुलकर्णी सीबीआई के शिकंजे में हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों को 10 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। अगले 10 दिनों की पूछताछ में नीट पेपर लीक के इस अंतर-राज्यीय रैकेट के कई और चौंकाने वाले राज खुलने वाले हैं।

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नीट पेपर लीक का मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई के हाथ एक और बड़ी सफलता लगी है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी मनीषा वाघमरे और सेवानिवृत्त प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को 10 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट का आदेश आते ही सीबीआई टीम दोनों को भारी सुरक्षा के बीच अपने साथ ले गई। अदालत परिसर से बाहर ले जाए जाते समय दोनों आरोपियों के चेहरों पर साफ तौर पर शिकन देखी जा सकती थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में यह अब तक की सबसे बड़ी न्यायिक कार्रवाई मानी जा रही है। इतना ही नहीं, कोर्ट से निकलते वक्त बेहोश होकर मनीषा नीचे गिर गईं।
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साजिश रचने और पेपर बांटने का गंभीर आरोप
सीबीआई ने अदालत के सामने दोनों आरोपियों की कस्टडी मांगते हुए बेहद चौंकाने वाले तर्क रखे। जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि मनीषा वाघमरे और पीवी कुलकर्णी इस पूरे खेल के मुख्य मास्टरमाइंड हैं। ये दोनों आरोपी नीट-यूजी परीक्षा का गोपनीय प्रश्नपत्र अवैध तरीके से हासिल करने और फिर उसे मोटी रकम के बदले परीक्षार्थियों के बीच बांटने की इस गहरी साजिश में पूरी तरह शामिल थे।



आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी सीबीआई
जांच अधिकारियों के अनुसार, मनीषा वाघमारे ने ही पुणे की गिरफ्तार अन्य आरोपी बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे के साथ मिलकर उन छात्रों को जाल में फंसाया था, जिनसे लाखों रुपये वसूले गए थे। वहीं, पीवी कुलकर्णी ने एनटीए की पेपर-सेटिंग गोपनीयता को भेदकर पेपर हासिल किया था। अब सीबीआई इन दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। 10 दिनों की इस कस्टडी के दौरान जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि लीक पेपर का मुख्य सोर्स कहां था और इस काली कमाई के तार और किन बड़े लोगों से जुड़े हैं।

इस बीच खबर यह भी आई है कि पुणे के मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स की बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंधारे के खिलाफ अब कॉलेज प्रशासन ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया है।

24 साल का अनुभव और विश्वास का हनन
कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर निवेदिता एकबोटे ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि मनीषा मंधारे साल 2002 से इस जूनियर कॉलेज में कार्यरत थीं। वह पिछले 24 वर्षों से कक्षा 11 और 12 के छात्रों को बायोलॉजी पढ़ा रही थीं। उनके इसी लंबे अनुभव को देखते हुए एनटीए ने उन्हें नीट परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े बेहद गोपनीय काम के लिए नियुक्त किया था।

कॉलेज प्रशासन ने पल्ला झाड़ा
कॉलेज प्रशासन ने कहा कि एनटीए की ओर से  दिया गया काम पूरी तरह गोपनीय था। निर्देशों का सारा आदान-प्रदान सीधे एनटीए और मनीषा मंधारे के बीच हुआ था। इसमें कॉलेज प्रशासन या मूल संस्था का कोई लेना-देना नहीं था। कॉलेज को इस गिरफ्तारी की जानकारी मीडिया और टीवी चैनलों के माध्यम से मिली। संस्थान ने इस घटना को बेहद गंभीर, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया है। कॉलेज अब महाराष्ट्र प्राइवेट स्कूल कर्मचारी विनियम अधिनियम 1981 के तहत उनके खिलाफ विभागीय जांच और सख्त कार्रवाई करेगा।


लाखों रुपये लेकर घर पर चलाए स्पेशल क्लास
जांच अधिकारियों के अनुसार, मनीषा मंधारे पर अप्रैल 2026 में ही लीक पेपर के जरिए छात्रों को जोड़ने का आरोप है। इस काम में मनीषा वाघमारे ने उनकी मदद की थी, जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है। मंधारे ने अपने पुणे स्थित आवास पर चुनिंदा छात्रों के लिए विशेष कोचिंग क्लास चलाई थीं। वहां उन्होंने छात्रों को लीक हुए प्रश्न और उनके उत्तर लिखाए थे। इसके बदले उन्होंने छात्रों से लाखों रुपये की फीस वसूली थी। मंधारे की ओर से लिखाए गए अधिकांश प्रश्न 3 मई को आई मुख्य परीक्षा से पूरी तरह मेल खाते थे।

21 जून को दोबारा होगी परीक्षा
इस साल नीट परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए करीब 23 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। एनटीए को परीक्षा के चार दिन बाद यानी 7 मई की शाम को इस गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। पेपर लीक होने के कारण अब नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।

 
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